टेस्ट क्रिकेट में भारत का वर्चस्व पक्का इंग्लैंड हक्का-बक्का

cricketभारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज जीतने की तरफ अग्रसर है. टीम इंडिया ने विराट की कप्तानी में नया इतिहास बनाने की ओर कदम बढ़ा दिया है. पहले न्यूजीलैंड को धूल चटाया अब इंग्लैंड को चारो खाने चित किया है. विराट की सेना इंग्लैंड पर अब भारी पड़ रही है. मौजूदा टेस्ट सीरीज में मेहमान भारतीय धरती पर कमाल करने में नाकाम रहे हैं.

इंग्लैंड की टीम ने भले ही पहले टेस्ट में टीम इंडिया को कड़ी टक्कर देने का दावा किया हो, लेकिन बाद के टेस्ट में उनकी हालात बेहद खस्ता हो गई. गेंदबाजी से लेकर बल्लेबाजी में इंग्लैंड का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. इंग्लैंड की टीम भारतीय सरजमीं पर अच्छा प्रदर्शन करने का हुनर रखने वाली टीम मानी जाती है, परंतु इस बार विराट की युवा टीम के खिलाफ उसका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा.

मेहमान टीम भी मानती है कोहली की यह टीम माही की तुलना में बेहद मजबूत दिख रही है. इंग्लैंड टीम के कप्तान के अनुसार विराट के टीम की ताकत है युवा खिलाड़ी. दरअसल इससे पूर्व इंग्लैंड की टीम माही की अगुवाई वाली टीम पर भारी पड़ी थी. मौजूदा समय में टीम इंडिया बेहद शानदार क्रिकेट खेल रही है.

टीम के पास अच्छा बॉलिंग अटैक है और युवा बल्लेबाजों की लम्बी फौज भी है. विराट की टीम में हर खिलाड़ी अपने रोल से वाकिफ है. इस टीम की खास बात यह है कि एक ही खिलाड़ी पर निर्भरता नहीं है. मध्यक्रम के नाकाम होने पर ऑलरांडर बनने की ओर कदम बढ़ा रहे कुछ खिलाड़ियों ने कई मौकों पर टीम को बिखरने से बचाया है.

गेंदबाजी में भी भारतीय टीम एक अलग ताकत के रूप में उभरी है. इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट को छोड़ दिया जाये तो टीम ने मैदान पर अपनी बादशाहत कायम की है. टीम के मौजूदा प्रदर्शन की बात की जाये तो इसमें बल्लेबाजों की भूमिका भी अहम कही जा सकती है. ओपनर के तौर पर टीम भले ही जूझ रही हो लेकिन तीसरे टेस्ट में पार्थिव ने अपने बल्ले से कमाल कर विराट को बड़ी राहत दी.

बतौर विकेटकीपर टीम में शामिल किये गये पार्थिव पटेल ने दूसरी पारी में अच्छा प्रदर्शन करते हुए पचासा जड़ कर अपनी बल्लेबाजी का भी लोहा मनवाया. दूसरी ओर मुरली विजय हालांकि मोहाली टेस्ट में चले नहीं लेकिन बड़े मैचों में उनका बल्ला रनों की बारिश करता है. मोहाली टेस्ट में इंग्लैंड की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 283 रन के स्कोर पर ढेर हो गई थी.

इसके बाद भारतीय बल्लेबाजों ने भले ही कुछ मौकों पर निराश किया, लेकिन टीम ने किसी तरह से 417 रन का स्कोर बनाकर मेहमान टीम पर अच्छा खासा दबाव बना डाला. दूसरी पारी में इंग्लैंड के बल्लेबाज एक बार फिर रन बनाने में असफल रहे. इसके बाद टीम इंडिया ने यह मुकाबला आठ विकेट से जीतकर इंग्लैंड पर अपनी बढ़त बना डाली.

न्यूजीलैंड सीरीज की तरह एक बार फिर रविचंद्रन अश्विन बतौर ऑलरांडर खिलाड़ी के तौर पर सामने आये हैं. उनकी गेंदबाजी तो कमाल की रही है और अब वह बल्ले से भी जौहर दिखा रहे हैं. उनकी स्पिन की धार लगातार बढ़ रही है.

उनका बल्ला ऐसे मौकों पर गेंदबाजों पर कहर बनकर टूटता है जब टीम इंडिया की बल्लेबाजी कमजोर पड़ती दिखती है. उनका प्रदर्शन भी इस बात का गवाह है. अश्विन भारत के तीसरे गेंदबाज है जिन्होंने एक सीजन में 500 रन बनाने के साथ-साथ 50 विकेट भी चटकाये हैं.

इससे पूर्व कपिल देव ने 1979 और 1983 में यह कारनामा किया था. कपिल 1979 के सीजन में कुल 17 टेस्ट में 619 रन के साथ-साथ 74 विकेट चटका कर भारत के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर के रूप में सामने आये थे. इसके बाद 1983 में भी कपिल ने इसी तरह 18 टेस्ट में 579 रन और 75 विकेट लेकर विश्व क्रिकेट में खूब नाम कमाया.

अश्विन भी कपिल के नक्शेकदम पर चल रहे हैं. मैच दर मैच अश्विन लगातार दोनों विधाओं में अपनी छाप छोड़ रहे हैं. उनके इस प्रदर्शन को देखकर कई खिलाड़ियों ने तारीफ के पुल बांधे हैं. जानकारों की मानें तो आर अश्विन का प्रदर्शन बॉथम व इमरान खान जैसे खिलाड़ियों से बेहतर लग रहा है. तमिलनाडु का यह खिलाड़ी टीम इंडिया के संकटमोचक के रूप में देखा जा सकता है.

भारत की बल्लेबाजी की बात की जाये तो इतना तो साफ है कि टीम किसी एक बल्लेबाज के सहारे टेस्ट में जलवा नहीं दिखा रही है बल्कि उसका बल्लेबाजी क्रम निचले स्तर पर बेहद मजबूत दिख रहा है. शुरुआत में भले ही टॉप आर्डर फेल हो जाता है, लेकिन इस नाकामी को निचले क्रम के बल्लेबाज छुपा लेने में माहिर साबित हो रहे हैं. मोहाली टेस्ट में टीम इंडिया की बल्लेबाजी कमजोर दिखी.

पांच विकेट बेहद कम स्कोर पर चलते बने, लेकिन बाद में निचले क्रम के बल्लेबाजों ने 400 से ज्यादा रन स्कोर बोर्ड पर लगा दिये. इसके बाद कुक की टीम के पसीने छूट गये. निचले क्रम में एक ओर अश्विन कमाल करते हैं, तो दूसरी ओर जडेजा भी कम नहीं हैं.

बतौर गेंदबाज उनकी फिरकी की खूब तारीफ होती है, साथ ही उन्होंने मोहाली टेस्ट में अश्विन के साथ मिलकर 97 रन की साझेदारी कर टीम को संकट से निकाल लिया, यह भी नायाब है. जडेजा इस मैच में शतक बनाने से चूक गये जबकि जयंत यादव ने भी अच्छे हाथ दिखाते हुए मेहमान टीम को करारा जवाब दिया.

इसी टेस्ट में अरसे बाद टीम इंडिया में बतौर विकेटकीपर शामिल हुए पार्थिव पटेल ने दबाव में बेहद शानदार प्रदर्शन किया. उनको साहा के चोटिल होने के बाद टीम में मौका मिला. उन्होंने इस मौके का पूरा फायदा उठाते हुए दूसरी पारी में शानदार अर्धशतक जमाया जबकि विकेट के पीछे भी उन्होंने बेहद कमाल का प्रदर्शन किया.

उनके इस प्रदर्शन की वजह से साहा के लिए थोड़ी चिंता बढ़ सकती है. खैर इस प्रदर्शन से पटेल टीम में अपनी तगड़ी दावेदारी पेश कर रहे हैं. इस तरह से भारतीय टीम के पास एक और विकेटकीपर मिल गया है.

कुल मिलाकर टीम इंडिया ने एक बार फिर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन किया. इंग्लैंड की टीम भारत में सीरीज जीतने का सपना लेकर पहुंची थी लेकिन विराट की टीम के आगे उनकी एक नहीं चली. कोहली भारत के सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में शामिल हो चुके हैं.