लखनऊ में हुआ जूनियर विश्व कप हॉकी का शानदार आगाज भारत के छोटे मियां भी सुभान अल्ला…

Inaugural Programजूनियर विश्व कप हॉकी प्रतियोगिता जिस तरह रंगारंग कार्यक्रमों के साथ लखनऊ के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में शुरू हुई, उसी दमदारी के साथ भारतीय टीम ने भी जीत के साथ अपने आकर्षक खेल की शुरुआत की. शुरुआती मुकाबलों में टीम इंडिया ने इंग्लैड और कनाडा जैसी टीमों को चारों खाने चित कर दिया. इस जीत के सहारे भारतीय टीम ने अगले दौर में जगह बना ली है.

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हॉकी की खुमारी सिर चढ़कर बोल रही है. भारतीय दर्शकों के सामने भारतीय हॉकी के स्टिक का जादू देखते ही बन रहा है. खिताब की तगड़ी दावेदार माने जाने वाली भारतीय टीम ने शुरुआती मुकाबलों में परविंदर हरमनप्रीत और अरमान जैसे उभरते हुए खिलाड़ियों की बदौलत अपनी हॉकी का लोहा मनवाया है. दूसरी ओर काफी अरसे बाद लखनऊ में हॉकी उफान पर देखी जा सकती है.

किसी दौर मे यहां हॉकी का बोलबाला रहता था. यूपी से कई खिलाड़ियों ने भारतीय हॉकी में अपना परचम बुलंद किया है. 70 और 80 के दशक में अगर भारतीय हॉकी का डंका पूरे विश्व में बोलता था तो उसमें यूपी के खिलाड़ियों का भी अहम रोल रहता था. हालांकि बाद में हॉकी की हनक कम होती गई लेकिन अब हॉकी इंडिया ने यूपी में एक बार फिर हॉकी को चमकाने का बीड़ा उठाया है.

इतना ही नहीं, उत्तर प्रदेश हॉकी संघ भी यूपी में हॉकी को बढ़ावा देने के लिए हर कदम उठा रहा है. इसी को ध्यान में रखकर लखनऊ में कई जगह नीली टर्फ लगायी गई ताकि लोगों को हॉकी से जोड़ा जा सके. हालांकि इससे पूर्व हॉकी इंडिया के लीग मैचों का आयोजन किया जा चुका है, लेकिन इस बार जूनियर विश्व कप हॉकी की शानदार मेजबानी का हौसला दिखाते हुए उत्तर प्रदेश हॉकी संघ ने कोई कसर नहीं छोड़ी.

हॉकी को आगे बढ़ाने के लिए करीब 10 करोड़ की लागत से मेजर ध्यानचंद स्टेडियम तैयार किया गया है. यह वही स्टेडियम है जहां कभी केडी सिंह बाबू व जमनालाल शर्मा जैसे हॉकी के सितारे अपनी करिश्मायी हॉकी का जलवा दिखाते थे. हालांकि कुछ साल पहले तक यह स्टेडियम अपने वजूद को पाने के लिए लगातार संघर्ष करता दिखा. वक्त ने एक बार फिर करवट ली और पूरा स्टेडियम नये कलेवर में तैयार किया गया है.

जूनियर विश्व कप को ध्यान में रखकर स्टेडियम की काया पलट गई. कुर्सी रोड स्थित इस स्टेडियम में अब हर चीज नई दिखायी पड़ रही है. स्टेडियम परिसर में प्रवेश करने के लिए चमचमाती सड़कें इस बात की गवाह है कि यहां हॉकी की रंगत अब पूरी तरह से बदल गई है. स्टेडियम में आधुनिक सुविधाओं का भी खास ख्याल रखा गया है. जूनियर हॉकी विश्व कप के चलते एक और स्टेडियम का निर्माण किया गया है.

मोहम्मद शाहिद स्टेडियम का तोहफा भी हॉकी प्रेमियों को मिला है. माना जा रहा है कि इस स्टेडियम में हॉकी इंडिया लीग के मैचों का आयोजन किया जा सकता है. अंतरराष्ट्रीय मानकों पर दोनों ही स्टेडियम पूरी तरह से खरे उतरे हैं. कुल मिलाकर इस तरह के बड़े आयोजन से यूपी में हॉकी को एक नई पहचान मिलेगी.

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