नमाज की छुट्टी से संबंधित उत्तराखंड सरकार के नए फैसले ने लिया सियासी रंग

namaz-breakशुक्रवार को नमाज पढ़ने के लिए हर मुस्लिम को डेढ़ घंटे की छुट्टी दिए जाने से संबंधित उत्तराखंड सरकार के नए फैसले पर सियासत शुरू हो गई है. रावत सरकार ने शनिवार को हुई कैबिनेट की बैठक में नमाज के लिए हर शुक्रवार को डेढ़ घंटे की छुट्टी का प्रस्ताव पारित किया था.

भाजपा ने रावत सरकार के इस फैसले पर आपत्ति जताई है और इसे चुनावी फायदा लेने के लिए एक दुर्भायपूर्ण फैसला करार दिया है. बीजेपी नेता नलिन कोहली ने कहा, हरीश रावत सरकार का यह फैसला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. वोटों के लिए रावत सरकार किसी भी सीमा तक जाने को तैयार है.

नमाज के लिए छुट्टी दिए जाने का क्या लॉजिक है? इतना ही नहीं, नलिन कोहली ने यह भी कहा कि क्या होगा जब हिंदू सोमवार को शिव पूजा के लिए या मंगलवार को हनुमान पूजा के लिए दो घंटे की छुट्टी मांगने लगें? वहीं भाजपा के एक सांसद ने इस मुद्दे को कांग्रेस द्वारा चुनावी फायदा लेने के लिए लिए गए फैसले से जोड़ दिया.

भाजपा सांसद प्रवेश शर्मा ने कहा, मेरा अनुभव यह कहता है कि मुस्लिम समुदाय भाजपा को वोट देने से अपनी दूरी बनाकर रखता है. भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने भी रावत सरकार के इस फैसले को मुस्लिमों का तुष्टिकरण करार दिया है और कहा है कि पार्टी इस मुद्दे को संसद में उठाएगी.

कांग्रेस ने राम मंदिर के जरिए भाजपा की प्रतिक्रिया पर पलटवार किया है. भाजपा के आरोपों पर बोलते हुए उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा, अगर यह चुनावी स्टंट है तो यह भी देखिए कि क्या 1400 करोड़ रुपए और 800 टन सोना खाकर राम मंदिर बन गया?