जनता पर मार और राजनीतिक दल मजे में, दलों को पुराने नोटों में मिले चंदा टैक्स फ्री

party-fund_15_03_2014नोटबंदी के बाद से आम लोगों को पैसों से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. बैकों में पैसे जमा करने और निकालने में भी समस्या सामने आ रही है. आम जनता के पैसे बिना हिसाब-किताब वाले वाले धन पर सरकार कड़ा जुर्माना लगाने की बात कर रही है. लेकिन राजनीतिक दलों के पुराने नोटों में मिले चंदे को टैक्स फ्री कर दिया गया है. शुक्रवार को सरकार की तरफ से कहा गया कि दलों के खातों में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों में जमा राशि पर आयकर नहीं लगेगा.

सरकार की तरफ से इस फैसले की जानकारी देते हुए राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा कि आयकर कानून 1961 की धारा 13ए के तहत राजनीतिक दलों को उनकी आय पर कर से छूट प्राप्त है. उनकी यह आय आवास संपत्ति, अन्य स्रोतों, पूंजीगत लाभ और किसी व्यक्ति की ओर से स्वैच्छिक योगदान से हो सकती है. हालांकि इसके लिए राजनीतिक दलों को मिलने वाला व्यक्तिगत चंदा 20,000 रुपये से कम होना चाहिए, और साथ ही यह दस्तावेजों में दर्ज होना चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि कोई एक व्यक्ति 20,000 रुपये से अधिक का दान पार्टी को देता है तो मौजूदा कानून के तहत यह चेक या बैंक ड्राफ्ट के जरिये होना चाहिए. राजस्व सचिव अधिया ने स्पष्ट किया कि सरकार राजनीतिक दलों को प्राप्त कर छूट में कोई छेड़छाड़ नहीं कर रही है. उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों की बैंक जमा राशि पर टैक्स नहीं लगाया जाएगा. यदि यह राशि राजनीतिक दल के खाते में जमा है तो उस पर छूट है, लेकिन यदि यह राशि किसी व्यक्तिगत खाते में पड़ी है तो उसके बारे में सूचना हमारे रडार में आ जाएगी. यदि कोई व्यक्ति अपने खाते में पैसा रख रहा है तो इसके बारे में हमें सूचना मिल जाएगी.

सरकार ने यह भी कहा है किसानों की कृषि आय कर मुक्त है. लेकिन इसके लिए किसानों को यह साबित करना होगा कि उनकी सालाना आय 2.5 लाख रुपये से कम है. इसके लिए किसानों को घोषणा पत्र जमा करना होगा. जो किसान घोषणा पत्र जमा नहीं कर पाएंगे, उन्हें स्थायी खाता संख्या यानी पैन देना होगा. कृषि आय को बैंक जमा के लिए पैन की आवश्यकता नहीं होगी.