अब लंगरों और गुरुद्वारों में भी दिखने लगा है नोटबंदी का असर

noteban-gurudwara-crowdनई दिल्ली, (विनीत सिंह) : सरकार की तरफ से लागू किये गये नोटबंदी के फैसले को अब तक एक महीने से भी ऊपर हो चुका है लेकिन अब तक लोगों को राहत मिलती हुई नही दिखाई दे रही है. नोटबंदी के चलते दुकानों और मार्केटो में मंदी आ गयी है वही अब लंगर और गुरुद्वारों में भी इसका असर दिखाई देने लगा है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 नवम्बर को नोटबंदी का फैसला किया था जिसके तहत 500 और 1000 रूपये को पुराने नोट पर पाबन्दी लगा दी गयी थी. कैश की किल्लत से जूझ रहे आम लोगों ने अब नोटबंदी से लड़ने का न्य तरीका निकाला है. शहर में मौजूद लंगरों और गुरुद्वारों पर खाना खाने के लिए पहले से कही जादा भीड़ जुटने लगी है.

जहा लंगरों में पहले 70 किलो आटे और 50 किलो दाल का इस्तेमाल होता था वही अब इसकी खपत बढ़ गयी है. अब रोजाना लगभग 150 किलो आटा और 80 किलो दाल की खपत हो रही है जिससे लंगरों में भी राशन की समस्या पैदा हो गयी है.

Read Also: जनता पर पड़ेगी दोहरी मार, नोटबंदी के बाद 6 रुपये तक बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम !

अब लंगरों में जो भीड़ आ रही है उसमें सबसे अधिक कॉलेज स्टूडेंट हैं जो घर से बाहर रहकर पढ़ाई कर रहे हैं. नोटबंदी के चलते सबसे अधिक परेशानी बाहर पढाई करने वाले छात्रों को हो ही रही है. एटीएम की लाइन में लगने का समय न मिल पाने की वजह से अब छात्र खाना खाने के लिए लंगरों का रुख कर रहे हैं.