प्रशांत भूषण को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, पूछा-कहां हैं सबूत

Prashant Bhushanनई दिल्ली, (चौथी दुनिया ब्यूरो): सीनियर वकील प्रशांत भूषण सुप्रीम कोर्ट में समय दिए जाने के बावजूद नरेंद्र मोदी और अन्य लोगों के खिलाफ ठोस सबूत पेश नहीं कर पाए. इतना ही नहीं, उनकी दलीलों से जस्टिस जेएस खेहर, जस्टिस अरुण मिश्रा और अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी नाराज हो गए. कोर्ट ने सबूत पेश करने के लिए भूषण को 11 जनवरी तक का समय दिया है. इसके बाद उनकी पिटीशन खारिज कर दी जाएगी.   उनकी दलीलों से आहत बेंच ने कहा कि ऐसे आप हमें झुका नहीं सकते हैं. शुक्रवार को सहारा-बिरला डायरी मामले की पिटीशन पर सुनवाई शुरू हुई थी.

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जस्टिस जेएस खेहर ने प्रशांत भूषण से पूछा कि आपने जिन ठोस सबूतों को कोर्ट में पेश करने का दावा किया था, वे कहां हैं? इस पर प्रशांत भूषण ने कहा कि उन्हें आयकर विभाग से तीन दस्तावेज मिले हैं, जिसे वे अभी पूरी तरह से पढ़ नहीं पाए हैं. इसके लिए उन्होंने और वक्त दिए जाने की मांग की है. इसलिए उन्होंने अपना हलफनामा भी दायर नहीं किया है. इसपर कोर्ट ने कहा कि आपको पहले ही काफी समय दिया जा चुका है. अगर आप ठोस सबूत नहीं दे सकते तो आपकी पिटीशन खारिज कर दी जाएगी. इसपर भूषण ने कहा कि अगर मामला खारिज हुआ तो इससे समाज में गलत संदेश जाएगा.

गौरतलब है कि सहारा-बिरला ग्रुप पर आयकर विभाग के छापों में कुछ डायरियां मिली थीं. इनमें कुछ नेताओं से लेन-देन का ब्योरा भी था. प्रशांत भूषण का कहना था कि   एक डायरी में सीएम गुजरात, अहमदाबाद मोदी जैसे नामों का भी जिक्र था. इनमें 55 करोड़ रुपये के भुगतान का जिक्र था.

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