दिग्गज खिलाड़ी जिन्होंने साल 2016 में खेल से लिया सन्यास

retirementअब कुछ ही दिनों में साल 2016 अपने मुकाम पर पहुचने वाला है और हम सब एक नए साल की शुरुआत करने वाले हैं . ये साल हमारे लिए बेहद ख़ास रहा जो हमे कभी कुछ खट्टी यादें दे गया तो कभी कुछ मीठी यादें. ऐसे में अगर हम खेल जगत की बात करें तो जहा कुछ नये खिलाडियों ने खेलों में डेब्यू किया वही कुछ ने संन्यास भी लिए इन्ही में से कुछ खिलाडियों के बारे में हम बताने जा रहे हैं.

अभिनव बिंद्रा: ये साल ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट अभिनव बिंद्रा के करियर के लिए कुछ ठीक साबित नही हुआ जिसकी वजेह से उन्होंने सन्यास लेने का फैसला लिया. रियो ओलंपिक में अपने खराब प्रदर्शन से निराश हो चुके बिंद्रा ने सन्यास लेने का फैसला लिया. बिंद्रा ने साल 2008 में बीजिंग में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया था.

शेन वॉटसन: आस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर कहे जाने वाले शेन वॉटसन ने इसी साल क्रिकेट से सस्न्यास लेने का फैसला लिया. वॉटसन ने 59 टेस्ट मैचों में 3731 रन और 190 वनडे में 5757 रन बना चुके हैं। वाटसन लगातार आईपीएल में खेलते थे. पर इस साल उन्होंने 24 मार्च से क्रिकेट को अलविदा कह दिया.

मैनी पैकियाओ: दुनिया के सबसे काबिल मुक्केबाजों में फिलीपींस के मैनी पैकियाओ का भी नाम है. पैकियाओ ने इसी साल अप्रैल महीने में बॉक्सिंग को अलविदा कहकर संन्यास ले लिया था. इससे पहले उन्होंने अपने करियर के 66वें मुकाबले में टिम ब्रेडले को ज़बरदस्त तरीके से शिकस्त दी थी.

लायनल मैसी: अर्जेंटीना के स्टार फुटबालर मैसी ने इसी साल फूटबाल को अलविदा कह दिया. मैसी ने कहा की वो अर्जेटीना का प्रतिनिधित्व नहीं करेंगे लेकिन बार्सिलोना क्लब की ओर से खेलते रहेंगे। मैसी नें अपने करियर में कई रिकार्ड तोड़े और बनाए हैं। साल 2008 में खेले गये ओलंपिक में मैसी ने गोल्ड मैडल जीतकर देश का नाम ऊंचा किया था.

शिवनारायण चंद्रपाल: वेस्टइंडीज के बल्लेबाज शिवनारायण चंद्रपाल ने 22 जनवरी को 41 साल की उम्र में क्रिकेट को अलविदा कह दिया था. चंद्रपाल को प्यार से टाइगर के नाम से जाना जाता है साथ ही टेस्ट इतिहास में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में चंद्रपाल 7वें नंबर पर हैं.

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