जम्मू-कश्मीर के वाशिंदे पहले भारतीय : सुप्रीम कोर्ट

Jammu Kashmirनई दिल्ली, (चौथी दुनिया ब्यूरो): सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर राज्य भारतीय संविधान के दायरे के बाहर नहीं है. उसे भारत के संविधान के बाहर कोई संप्रभुता हासिल नहीं है. इससे पूर्व  जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट ने कहा था कि संसद के पास कानून बनाने की पात्रता नहीं है, अगर ये राज्य से जुड़े हों. जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट ने कहा था कि कश्मीर एक संप्रभु राज्य है. सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट की राय को खारिज करते हुए शुक्रवार को यह टिप्पणी की. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भारतीय संविधान के बाहर जम्मू-कश्मीर को कोई भी शक्ति नहीं दी जा सकती है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, जम्मू-कश्मीर के नागरिकों पर पहले देश का संविधान लागू होता है. इसके अलावा जम्मू-कश्मीर का संविधान भी लागू होता है. जस्टिस कुरियन जोसफ और आर नरीमन की बेंच ने यह टिप्पणी की. इतना ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के उस नजरिए को भी खारिज कर दिया, जिसके मुताबिक जम्मू-कश्मीर के संविधान को देश के संविधान के बराबर का दर्जा हासिल है. सुप्रीम कोर्ट ने इस बात की ओर भी इशारा किया कि  जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट के एक फैसले में राज्य के निरंकुश संप्रभुता की बात की गई है, जो काफी निराशाजनक बात है. बेंच ने स्पष्ट कर दिया कि जम्मू-कश्मीर के नागरिक सबसे पहले भारतीय हैं.  हालांकि बेंच ने इस बात का भी जिक्र किया कि भारतीय संविधान और जम्मू-कश्मीर के संविधान में कोई टकराव की बात नहीं है.

 

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