…तो कैप्टन कूल ने कप्तानी को अलविदा इसलिए कहा ?

M-S-Dhoni

नई दिल्ली (ब्यूरो, चौथी दुनिया): टीम ब्लू को शिखर तक पहुंचाने वाले धोनी ने बुधवार को कप्तानी छोड़ने का एलान करके सबकों चौंका दिया। भारतीय क्रिकेट को शिखर तक पहुंचाने वाले धोनी के इस फैसलों ने उनके प्रशंसकों की संख्या और बढ़ा दी। क्योकि अब वो दुनिया के उभरते खिलाड़ी विराट कोहली की अगुवाई में मैदान में उतरेंगे। धोनी के इस फैसले को एलान भले अचानक आया हो, लेकिन उनका ये कदम क्रिकेट को लेकर उनकी सोच और दूरदर्शिता को परिभाषित करता है।

जानरकारों का मानना है कि धोनी कप्तानी से ज्यादा क्रिकेट को मोहब्बत करते हैं। वो जानते हैं कि साल 2019 का विश्वकप खेलने के लिए उनका मानसिक और शारिरिक रुप से मैदान में रहना टीम इंडिया को फायदा पहुंचाएगा और सिर्फ इसिलिए उन्होने कप्तानी से पीछे हटने का फैसला किया न कि मैदान छोड़ने का। माही ने बीसीसीआई को जो लेटर भेजा है वो साफ कर रहा है कि इस कप्तानी के पीछे उनकी एक लंबी रणनीति है।

पिछले काफी दिनों से धोनी के खेल पर कप्तानी का प्रेशर देखने को मिला था। पिछले साल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आखिरी ओवर में धोनी 11 रन बनाने में नाकामयाब रहे थे। जिम्बाबे के खिलाफ एक मैच में वो 8 रन नहीं बना पाए थे। इसके आलावा टी-20 मैच के ड्वेन ब्रावो के आखिरी ओवर में जूझते हुए हार गए थे।

धोनी दुनिया के बेस्ट मैच फिनिशर माने जाते रहे हैं। ऐसे में उनका इस तरह पिच पर जूझना सही संकेत नहीं था। धोनी ने अपने खेल का योगदान क्रिकेट में बढ़ाने के लिए तय किया की वो मैदान पर कोहली के मेंटर के तौर पर मौजूद रहेंगे नाकि बतौर कप्तान। धोनी का ये सारा प्लान 2019 का विश्व कप भारत के हिस्से में करने के लिए है। और शायद इसिलिए उनके इस फैसले की हर तरफ तारीफ देखने को मिल रही है।

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