…तो किम कार्दशियन को जान से मारने वाले थे किडनैपर्स

Kim-Kardashianनई दिल्ली, (प्रवीण कुमार): रियलिटी स्टार किम कार्दशियन से पेरिस में हुई लूट के तीन महीने बाद उन्‍होंने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए उस घटना पर खुलकर बात की। किम इतना डरा हुई थी कि अपनी आपबीती सुनाते समय वे बार-बार रोने लगी। उन्होंने रोते हुए बताया कि किडनैपर उन्हें शूट करने वाले थे, उस समय वे अपने दोनों बच्चे और हसबैंड के बारे में ही सोच रही थीं। हालांकि, वे बच गईं। इस वाकये को सोचकर वो कांप जाती हैं। उन्होंने ये सारी बातें रियलिटी शो ‘Keeping Up With the Kardashians’ के अपकमिंग सीजन में बताई हैं। इस शो का प्रोमो लॉन्च हुआ है। ये एपिसोड मार्च में रिलीज होगा।

किम ने घटना पर तीन महीने बाद चुप्पी तोड़ी। शो में उन्होंने बताया, “मुझे लगा कि अब मैं नहीं बचूंगी। किडनैपर मुझे शूट करना चाहते थे। उन्होंने मेरा किडनैप किया और होटल के रूम में ले गए। फिर किडनैपर ने मेरी ज्वैलरी ले ली और मुझे बाथटब में फेंक दिया। वो मुझे गोली मारना चाहते थे। उस वक्त में इतना ज्यादा डर गई कि उस पल को याद करते ही मेरी रूह कांप जाती है। उस वक्त मुझे अपने बच्चे और हसबैंड याद आने लगे।”

बता दें कि किम कार्दशियन को अक्टूबर में पेरिस के एक लग्जरी होटल में बंदूक की नोक पर बंधक बनाया था। पुलिस के मुताबिक, किम को बंधक बनाने के बाद उनसे 74 करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत की ज्वैलरी लूटी गई थी। इसमें उनकी दूसरी इंगेजमेंट की 15 कैरेट हीरे की रिंग और हीरों का नेकलेस था, जिसे पति केन्ये वेस्ट ने खुद डिजाइन किया था। बाद में हमलावरों ने किम को बाथरूम में बंद कर दिया और बाइक से फरार हो गए थे।

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किम की सिस्टर्स कैलोई और कॉर्टनी कार्दशियन भी शो की शूटिंग के दौरान किम के साथ थीं। उन्होंने बताया कि हम बहनें एक-दूसरे से बेहद अटैच्ड हैं। एक-दूसरे के इमोशन्स को समझती हैं। कैलोई ने बताया कि रॉबरी के बाद किम एकदम गुमसुम हो गई थी। किसी से बात नहीं करती थी। वो इतनी ज्यादा डर गई थी कि घर से बाहर तक नहीं निकलती थी।

दिलचस्प है पॉपुलैरिटी की कहानी

पॉपुलैरिटी की इस ऊंचाई पर पहुंचने की किम की कहानी काफी दिलचस्प है। लॉस एंजिलिस के ऑल गर्ल्स कैथोलिक स्कूल में किम की पढ़ाई हुई। स्कूल के दिनों में ही पिता रॉबर्ट कार्दशियन ने उन्हें कार दिला दी थी। एक इंटरव्यू में किम ने बताया था कि कार मिलने से पहले उन्हें कुछ शर्ते माननी पड़ी थीं। शर्तों का मजमून यह था कि किम को सप्ताह में कम से कम एक बार खुद कार धोनी होगी। पढ़ाई में हमेशा अच्छा स्तर बनाए रखना होगा। अगर कार की टक्कर हुई तो ठीक कराने का खर्च खुद उठाना होगा। लेकिन छह महीने में ही किम ने कार ठोक दी और रिपेयर कराने के लिए किम को एक क्लोदिंग स्टोर में काम करना पड़ा। इस तरह उनके करियर की शुरुआत हुई।