यूपी में दोबारा मिल रही हॉकी को पहचान

akhilesh yadavउत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जूनियर विश्व कप हॉकी को लेकर प्रशंसकों में गजब का उत्साह दिखा. खुद विदेशी टीमों ने भी कहा कि हॉकी के प्रति ऐसा उत्साह उन्हें कहीं और देखने को नहीं मिलता. विदेश से आई हॉकी टीमों के साथ-साथ भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ियों का कहना था कि क्रिकेट मैच में दिखने वाली भीड़ का मिथक भी लखनऊ के हॉकी प्रेमियों ने तोड़ दिया.

यह हॉकी के लिए अत्यंत उत्साहवर्धक है. खिताबी जंग के लिए भारतीय खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव स्टेडियम में मौजूद थे. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मैच शुरू होने से पहले ही स्टेडियम पहुंच गए थे और राष्ट्रगान से पहले दोनों टीम के खिलाड़ियों से मैदान पर जाकर मिले.

उनके अलावा एफआईएच अध्यक्ष लिएंड्रो नेग्रे, भावी अध्यक्ष नरिंदर बत्रा और उत्तर प्रदेश के खेल निदेशक आरपी सिंह भी वीआईपी गैलरी में मौजूद थे. अखिलेश ने इस मौके पर कहा कि यह उत्तर प्रदेश का सौभाग्य है कि यहां इतना बड़ा टूर्नामेंट आयोजित हुआ. अखिलेश ने दर्शकों की भी सराहना की और कहा कि जितना जोश खिलाड़ियों में है उतना ही लखनउ के दर्शकों में भी है.

भारतीय टीम के ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह को फैंस च्वाइस प्लेयर पुरस्कार से नवाजा गया. हरमनप्रीत ने लीग चरण में बेहतरीन प्रदर्शन करके भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई. न्यूजीलैंड टीम को फेयरप्ले पुरस्कार मिला. विश्व कप में भाग लेने वाली 16 टीमों में से न्यूजीलैंड को खेलभावना के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए यह पुरस्कार मिला.

एक जमाने में लखनऊ हॉकी का गढ़ माना जाता था. भारतीय हॉकी का डंका पूरे विश्व में बोलता था और उसमें यूपी के कई सितारे दुनिया में चमकते दिखते थे. हॉकी के जनक मेजर ध्यानचंद ने पूरे विश्व के खेल पटल पर भारतीय हॉकी को भारतीय पहचान और प्रतिष्ठा दी. केडी सिंह बाबू से लेकर मोहम्मद शाहिद जैसे खिलाड़ियों ने अपनी जादुई हॉकी से देश का झंडा बुलंद किया.

लखनऊ के मेजर ध्यानचंद हॉकी स्टेडियम में विश्व कप देखने के लिए जुटे अपार जनसमूह को देख कर यही समझा गया कि हॉकी की प्रतिष्ठा को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फिर से स्थापित करने की छटपटाहट उनमें कितनी है. भारत और बेल्जियम के बीच खेले गये फाइनल मैच को देखने के लिए सडकों से लेकर स्टेडियम तक लगी लोगों की भारी भीड़ अजीबोगरीब जुनून की अभिव्यक्ति दे रही थी. आखिरी तक टिकटों को लेकर मारामारी देखी गई.

यह हॉकी के लिए बेहद सुखद पल था, क्योंकि अक्सर क्रिकेट मैच देखने के लिए लोग ऐसे लालायित होते दिखते हैं. आमतौर पर क्रिकेट के मैचों को लेकर टिकटों की लम्बी लाइन देखी जाती है. लेकिन हॉकी मैच के टिकट काउंटर बेहद कम समय में ही सारे टिकट बेच कर बंद हो चुके थे, इसने एक रिकॉर्ड ही कायम किया.

गुड़गांव में नौकरी करने वाले अभिषेक मैच देखने ही लखनऊ आए थे, जिन्हें टिकट हासिल करने में काफी जद्दोजहद करनी पड़ी. स्टेडियम समय के पहले ही पूरी तरह भर चुका था. जगह बनाने के लिए दर्शक दीर्घा में पीछे की सीढ़ियों पर लगी एफआईएच की होर्डिंग को भी हटाना पड़ा.

भारतीय टीम का हौसला बढ़ाने के लिए लोग सीढ़ियों पर खड़े हो गए थे. यहां तक कि दर्शक स्टेडियम के चारों कोनों पर लगे विशालकाय स्कोर बोर्ड पर भी सवार दिख रहे थे. महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों पर भी सर्द मौसम का कोई असर नहीं था. बच्चों से लेकर बुजुर्ग भी अपने हाथों में तिरंगा लिए भारतीय टीम का उत्साह बढ़ा रहे थे.

अनगिनत लोग अपने चेहरे के दोनों तरफ तिरंगे के स्टिकर चिपकाए थे, या चेहरे पर तिरंगे की पेंटिंग करा रखी थी. मैच देखने के लिए लोगों ने अपने कारोबार तक बंद कर दिए थे. हॉकी के कई शौकीन अलग तरह की पोशाकों में भी नजर आए. मैच शुरू होने से पहले ही पूरा स्टेडियम दूधिया रौशनी में नहा गया था.

लोग लगातार मोबाइल पर सेल्फी लेने में जुटे रहे. डीजे संगीत पर पूरा स्टेडियम थिरक रहा था. स्टेडियम में यूपी वाला ठुमका लगाकर गाने पर लोग खूब झूमे और भोजपुरी गाना लगाबे लू जब लिपस्टिक पर खूब मस्ती की. खचाखच भरे स्टेडियम में जर्मनी की टीम भी मौजूद थी. खासतौर पर जर्मन टीम भारत का मैच देखने पहुंची थी.

भारतीय टीम का जोश देखकर स्टार खिलाड़ी मैक्स ने भी भारत की जीत की खुशी में तिरंगा लहराया. लखनऊ के दर्शकों ने न केवल भारतीय टीम बल्कि विदेशी टीमों के साथ खूब सौहार्द का प्रदर्शन किया और उनका उत्साह बढ़ाया. खेल की शुरुआत में लखनऊ के दर्शक न केवल भारतीय राष्ट्र गान पर बल्कि विदेशी टीमों के सम्बद्ध राष्ट्र गान पर भी खड़े होकर अपना सम्मान ज्ञापित करते थे. इसे विदेशी टीमों ने काफी सराहा.

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