Facebook की दुनिया के कुछ दिलचस्प पहलू

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नई दिल्ली, (श्याम सुन्दर प्रसाद): सोशल नेटवर्किंग की दुनिया से हमें जो उपहार मिले हैं, उनमें से एक है फेसबुक. जब से सोशल मीडिया शुरू हुआ है, तब से फेसबुक पूरी दुनिया में छाया हुआ है. लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने के अलावा, बिछड़े हुए को मिलाने और तुरंत संदेश भेजने के अलावा अपने संदेशों के आदान-प्रदान के लिए इसे सबसे सही और जबरदस्त माध्यम माना जा रहा है. 4 फरवरी 2004 को मार्क जकरबर्ग के हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के कमरे से लाइव हुए फेसबुक ने आज पूरी दुनिया में एक नया मील का पत्थर साबित हुआ है, जिसके लगभग 120 करोड़ एक्टिव यूजर हैं. अब हम जानते हैं फेसबुक के बारे मे कुछ ऐसी रोचक जानकारियां और फेसबुक के कुछ ऐसे फीचर हैं जो सामान्यतः सभी लोग नहीं जानते हैं.

फेसबुक का पहला अकाउंट जकरबर्ग का नहीं
फेसबुक के संस्थापक मार्क जकरबर्ग फेसबुक के शुरुआती यूजर्स में चौथे नंबर पर हैं. दरअसल इस सोशल नेटवर्किंग साइट के पहले तीन अकाउंट टेस्टिंग के लिए रिजर्व रखे गए थे. इस तरह जकरबर्ग का अकाउंट फेसबुक पर बनने वाला चौथा अकाउंट था. फेसबुक के पहले दस यूजर्स में फेसबुक के सह-संस्थापक क्रिस ह्यूज और जकरबर्ग के रूममेट रह चुके एरी हैसिट भी शामिल थे. जबकि डस्टिन मॉस्कोफविज अपना अकाउंट रजिस्टर करने वाले ऐसे पहले व्यक्ति थे, जो फेसबुक के संस्थापकों में शामिल नहीं थे. पूरी दुनिया में बेहद लोकप्रिय फेसबुक के हर यूजर को एक आईडी नंबर दिया जाता है. हालांकि अकाउंट को कोई नंबर देते समय हर बार क्रम का ध्यान रखा जाए ऐसा जरूरी नहीं होता.
दुनिया के अलग-अलग स्थानों के लिए अकाउंट के कुछ क्रम निश्‍चत हैं जैसे हार्वर्ड के यूजर्स के लिए 0 से लेकर 9,99,99 तक के अकाउंट निर्धारित हैं. ऐसे ही कोलंबिया के यूजर्स को 1,00,000 से लेकर 1,99,999 और स्टैनफोर्ड के यूजर्स को 2,00,000 से 2,99,999 तक क्रम के अकाउंट उपलब्ध कराए जाते हैं. इसी तरह हर जगह के लिए अलग अलग रेंज दिया
गया है.
फेसबुक पर फंड ट्रांसफर, वह भी बिल्कुल मुफ्त
निजी बैंक कोटक महिंद्रा ने फेसबुक आधारित त्वरित फंड ट्रांसफर सेवा शुरू की है. इसके जरिए आप इस सोशल नेटवर्किंग साइट पर दोस्तों को सही समय में बिना किसी चार्ज के पैसा ट्रांसफर कर सकेंगे. बैंक के एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसीडेंट दीपक शर्मा ने कहा कि इसे संभव बनाने के लिए नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के नेटवर्क पर आईएमपीएस प्लेटफॉर्म का उपयोग किया गया है. अच्छी बात यह है कि इस मामले में जरूरी नहीं कि फंड को भेजने और प्राप्त करने वाले बैंक के ही खाताधारक हों. आईएमपीएस के इंफ्रास्ट्रक्चर की बदौलत ही अभी कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे को मोबाइल फोन के जरिए फंड ट्रांसफर कर सकता है. आईएमपीएस के प्लेटफॉर्म पर 28 बैंक हैं. इनमें से किसी बैंक के खाताधारक शुरू की गई नई सेवा का लाभ उठा सकते हैं. फंड को भेजने और प्राप्त करने में किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा. इस सेवा को देने के लिए बैंक ने रिजर्व बैंक और एनपीसीआई के साथ मिलकर काम किया है.
भारत में फेसबुक यूजर्स की संख्या 10 करोड़ के पार 

भारत में 31 मार्च को 2014 को फेसबुक के यूजर्स की संख्या 9.4 करोड़ से बढ़कर 10 करोड़ के पार चली गई. एक अग्रजी समाचार पत्र के अनुसार अमेरिका के बाद भारत एक ऐसा दूसरा देश बन गया है, जिसके पास 10 करोड़ से अधिक फेसबुक यूजर है. अमेरिका में फेसबुक यूजर्स की संख्या 18.3 करोड़ है. 30 जनवरी 2014 को दुनियाभर में फेसबुक यूजर्स की संख्या 1.22 अरब और भारत में 9.4 कोरड़ थी. भारत में जिसकी संख्य दो महीने बाद 31 मार्च 2014 को 10 करोड़ के पार चली गई, जो फेसबुक के लिए भारत में एक बड़ी उपलब्धि है.
फेसबुक मैसेंजर पर फ्री कॉलिंग की सुविधा
अगर आपके पास आईफोन या एंड्रॉयड फोन है, तो अब आपका फेसबुक अकाउंट आपके लिए और भी उपयोगी साबित होगा. फेसबुक मैसेंजर ऐप के जरिए अब आप फ्रेंड लिस्ट में मौजूद किसी भी दोस्त या परिवार के लोगों से मुफ्त में बात कर सकते हैं. जब कोई व्यक्तिकिसी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर के इंटरनेट प्लान का इस्तेंमाल करेगा तो यह सुविधा उसे उपलब्ध हो जाएगी और उसकी फेसबुक फ्रेंड लिस्ट एक कांटेक्ट बुक की तरह इस्तेमाल होने लगेगी. फेसबुक ने अपने मैसेंजर ऐप में एक बदलाव करते हुए उसमें फ्री कॉलिंग का बटन जोड़ दिया है. यह ऐसे स्मार्टफोन के लिए उपलब्धक होगा जो एंड्रॉयड या आईओएस प्लेटफॉर्म पर आधारित हो. अमेरिका और कनाडा में यह सुविधा एक वर्ष पहले ही शुरू की जा चुकी है और अब इसे भारत में भी शुरू कर दिया गया है.
कैसे करें कॉल
फेसबुक मैसेंजर के चैट ऑप्शन में जाने के बाद फ्रेंड इन्फो में जाएं और फ्री कॉल ऑप्शन को सिलेक्ट करें. इससे कॉलिंग की जा सकती है. फेसबुक मैसेंजर पर पहले से ही चैट, फोटो और वॉइस मैसेज शेयरिंग की सुविधा दी गई है.
फेसबुक से रिमूव कर सकते हैं अनचाहे विज्ञापनों को
फेसबुक जल्द ही अनचाहे विज्ञापनों को हटाने की सुविधा देगा, जिस विज्ञापन को आप न देखना चाहे, उसे रिमूव कर सकते हैं. जब भी आप कोई वस्तु ऑनलाइन खरीदने की सोचते हैं, तो उसके लिए आप विभिन्न साइट्स से उसे खोजते हैं. मान लीजिए आप एक टीवी लेना चाहते हैं, जो कि एक इलेक्ट्रॉनिक वस्तु है. उसके लिए आप उसे अपने स्मार्टफोन या कम्प्यूटर पर इंटरनेट के माध्यम से खोजेंगे. खोज के दौरान आपको ऐसे कई विज्ञापन देखने को मिलते हैं, जो आपकी पसंद के भी हो सकते हैं. जब आप इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं की खोज करते हैं, तो इंटरनेट फिर आपको भविष्य में भी इलेक्ट्रॉनिक संबंधी विज्ञापन दिखाएगा. इन विज्ञापनों को यदि आप नहीं देखना चाहें, तो अपने कम्प्यूटर पर ब्राउजर सेटिंग व मोबाइल पर आईओएस व एंड्रॉयड सेटिंग में जाकर हटा सकते हैं. इस सुविधा को एड प्रिफरेंस कहा जाता है. फेसबुक भी जल्द ही अपने यूजर्स के लिए एड प्रिफरेंस की सुविधा लाने जा रहा है जिसके अंतर्गत आप किसी भी विज्ञापन को देख सकते हैं व इच्छानुसार उसे अपने फेसबुक पेज पर आने से रोक भी सकते हैं. आपको बता दें कि अमेरिका में लोग अगले कुछ हफ्तों में ही इस सुविधा लाभ उठा सकेगा. इसके बाद इस पर कार्य कर रहा समूह इसे कुछ महीनों में पूरी दुनिया में फैलाने में जुटा हुआ है.
73 प्रतिशत बच्चे फेसबुक इस्तेमाल कर रहे हैं
बच्चों को फेसबुक के इस्तेमाल को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम न होना एक समस्या बनती जा रहा है. भारत में टियर-1 और टियर-2 शहरों के ऐसे 73 प्रतिशत बच्चे फेसबुक का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिनकी उम्र 8 से 13 वर्ष के बीच है. एसोचैम द्वारा किए गए एक शोध में यह बात सामने आई है.
शोध के अनुसार 13 वर्ष के करीब 25 प्रतिशत बच्चों का फेसबुक पर अकाउंट है. इसके अलावा 11 वर्ष की उम्र वाले 22 प्रतिशत और 10 वर्ष के 15 प्रतिशत बच्चे भी फेसबुक का उपयोग करते हैं. साथ ही 8 और 9 वर्ष वाले 5 से 10 प्रतिशत बच्चे भी फेसबुक के उपयोगकर्ताओं में शामिल हैं. एसोचैम के शोध में एक चौंकाने वाला तथ्य यह भी सामने आया है कि कई बच्चों के अभिभावक ही फेसबुक पर अकाउंट शुरू करने में उनकी मदद करते हैं. आंकड़े बताते हैं कि करीब 75 प्रतिशत अभिभावकों को यह मालूम होता है कि उनके बच्चे फेसबुक का इस्तेमाल कर रहे हैं. यही नहीं, इन अभिभावकों में से 82 प्रतिशत ने तो फेसबुक पर अकाउंट खोलने में बच्चों की मदद भी की.
एक्टिव रहेगी मृत इंसानों की भी प्रोफाइल
सोशल नेटवर्किग साइट फेसबुक ने मृत लोगों की प्रोफाइल को पहले की तरह एक्टिव रखने का फैसला किया है. ये प्रोफाइल उसी सेटिंग के साथ काम करती रहेगी जिसे उसके यूजर ने तैयार किया था. इससे पहले मृत लोगों की प्रोफाइल को स्मृति शेष के रूप में तैयार कर दिए जाने के बाद उसे कुछ सीमित लोग ही देख पाते थे. फेसबुक टीम ने कहा, किसी यूजर द्वारा प्रोफाइल में की गई प्राइवेसी सेटिंग को सार्वजनिक करने के लिए हमने नीतियों में बड़ा बदलाव किया है. कुछ लोगों ने अपने दोस्तों व प्रियजनों की मौत के बाद हमसे संपर्क किया. वे अपने प्रियजन की प्रोफाइल को स्मृति के रूप में यादगार बनाना चाहते थे. अब तक जिस भी व्यक्ति की प्रोफाइल को स्मृतिशेष के रूप में तैयार किया जाता है, उसे सिर्फ कुछ सीमित लोग ही देख सकते थे. इसका मतलब यह था कि उस प्रोफाइल को वे लोग नहीं देख सकते थे, जो कि उस व्यक्ति की फ्रैंड लिस्ट में शामिल नहीं थे. टीम ने कहा कि नीतियों में बदलाव करते हुए हमने जो बदलाव किए हैं उसके तहत मृतक की प्रोफाइल उसकी पहले की सेटिंग्स के साथ दिखाई देगी. पूरी दुनिया इस पेज को उसी तरह से देख सकेगी जिस तरह से वह प्रोफाइल को सेट करके गया था. इसके अलावा उस व्यक्ति का परिवार उसकी लुक बैक वीडियो भी देख सकेगा.

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श्याम सुन्दर प्रसाद

लेखक एक सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल हैं.

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