ऐसे बढ़ाएं कम्प्यूटर लैपटॉप की स्पीड

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नई दिल्ली : जैसा हम सभी जानते हैं कि दुनिया कितनी तेजी से आगे बढ़ रही है और इस भाग दौड़ भरी जिंदगी का एक हिस्सा कम्प्यूटर/लैपटॉप भी है. अगर आपका कम्प्यूटर ही काम सुस्त करने लगे, तो ये इस भागदौड़ की जिंदगी में आपके स्ट्रेस का कारण भी बन सकता है. आपने अधिकतर लोगों को यह कहते सुना होगा कि जब मेरा कम्प्यूटर या लैपटॉप नया था, तो तेजी से काम करता था, अब यह धीरे काम कर रहा है. उसके बाद आप परेशान होकर अपने कम्प्यूटर/लैपटॉप को हार्डवेयर इंजीनियर को दिखाते हैं या उसे बदलकर नया कम्प्यूटर/लैपटॉप लेने के बारे में सोचते हैं. यदि आपके कम्प्यूटर और लैपटॉप भी धीरे काम कर रहा है, तो आप केवल थोड़ी सी सावधानी और कुछ टिप्स का प्रयोग कर अपने कम्प्यूटर और लैपटॉप की गति बढ़ा सकते हैं.

  • जब आप अपने कम्प्यूटर को स्टार्ट करते हैं, तो उसके साथ कई सारे प्रोग्राम अपने आप स्टार्ट हो जाते हैं, जिसके कारण आपके कम्प्यूटर/लैपटॉप की स्पीड कम हो जाती है. इसलिए आपको चाहिए कि जिस प्रोग्राम की जरूरत नहीं हो, उसे डिएक्टिेवट कर दें जिसके लिए आप स्टार्ट मेन्यू में जाकर रन में जाए फिर वहां पर msconfig कमांड टाइप करें और इंटर करें उसके बाद आप स्टार्ट अप टैब में जाकर उन सारे प्रोग्राम को अनचेक कर दें, जिसकी कम्प्यूटर/लैपटॉप स्टार्ट होते समय आपको जरूरत न हो और ओके बटन क्लिक करें और अपने कम्प्यूटर/लैपटॉप को रीस्टार्ट कर दें.
  • कम्प्यूटर की स्पीड वायरस, स्पाई वेयर और ऐड वेयर के कारण प्रभावित होती है, ये मालवेयर वायरस कम्प्यूटर के मेमोरी में लोड हो जाता है और उसकी गति को कम कर देता है. इससे कम्प्यूटर/लैपटॉप को बचाने के लिए आप एंटी वायरस को इनस्टॉल करें जो कि ऐसे वायरस और प्रोग्राम को सर्च करके इनके प्रभाव को रोकते हैं. आप प्रयोग कर रहे एंटी वायरस को समय-समय पर अपडेट करते रहें. ऐसा नहीं करने से दिन व दिन बन नए वायरस का आविष्कार होता है. नए वायरस का तोड़ नहीं होता है जिसके कारण एंटी वायरस इन नए वायरस को पकड़ नहीं पाता है, जिसके कारण ये वायरस खत्म नहीं होते और आपका कम्प्यूटर स्लो हो जाता है. एंटी वायरस को चेक करने के लिए कभी भी ऐसे टाइम पर ऑटो स्कैन को सेड्यूल न करें जब आपका कम्प्यूटर/लैपटॉप अधिक व्यस्त हो, क्योंकि स्कैन करते समय यह आपके सिस्टम को स्लो कर देता है. उस समय. स्कैन करें जब आपका कम्प्यूटर पर काम का लोड न हो.
  • जब आप अपने कम्प्यूटर में नए ऑपरेटिंग सिस्टम इनस्टॉल करते हैं, तो उसके साथ कई सारे इनस्टॉल प्रोग्राम आते हैं, जिसका प्रयोग आप न के बराबर करते हैं. यह प्रोग्राम आपके प्राइमरी मेमोरी में जगह घेर लेता है, जिसके कारण आपका कम्प्यूटर स्लो रिस्पांड करता है. ऐसे अनचाहे प्रोग्राम को स्टार्ट मेन्यू में जाकर कंट्रोल पैनल में जाएं उसके प्रोग्राम एंड फीचर्स में जाकर उसको अनइनस्टॉल कर सकते हैं. इससे आपके कम्प्यूटर की प्राइमरी मेमोरी की बचत होगी और कम्प्यूटर की गति बेहतर होगी.
  • कम्प्यूटर/लैपटॉप को वायरस और अन्य स्पाई वेयर से बचने के लिए कम से कम एक्सटर्नल डिवाइस जैसे की पेन ड्राइव, मोबाइल की मेमोरी कार्ड, सी.डी, डी.वी.डी व एक्सटर्नल हार्डडिस्क का कम से कम प्रयोग करें, क्योंकि ज्यादातर वायरस इन्हीं एक्सटर्नल डिवाईस के माध्यम से एक दूसरे कम्प्यूटर/लैपटॉप में होते हुए आपके कम्प्यूटर/लैपटॉप तक पहुंच जाता है. यदि आप अपने कम्प्यूटर/लैपटॉप में इंटरनेट का प्रयोग करते हैं, तो अपने सिस्टम का फायरवाल को जरूर एक्टिवेट रखें, जो कि ऑनलाइन आ रहे बाहरी वायरस या अन्य मालवेयर को रोकने में हमारी मदद करता हैं.

आप अपने कम्प्यूटर के कई सारे फाइल फोल्डर्स में अपने कार्यों को और जरूरी दस्तावेजों को सुरक्षित रखते हैं, इनकी संख्या लाखों और करोड़ों में भी हो सकती है. ये आपके हार्ड ड्राइव में किसी विशेष ट्रैक सेक्टर में सुरक्षित रहता है और उसके बाद इन फाइल फोल्डरों का काम हो जाता है या जिन फाइल फोल्डरों की जरूरत नहीं होती है, तो उसे डिलीट कर देते हैं उसके बाद वह ट्रैक सेक्टर खाली हो जाता है.

  • आप अपने कम्प्यूटर के कई सारे फाइल फोल्डर्स में अपने कार्यों को और जरूरी दस्तावेजों को सुरक्षित रखते हैं, इनकी संख्या लाखों और करोड़ों में भी हो सकती है. ये आपके हार्ड ड्राइव में किसी विशेष ट्रैक सेक्टर में सुरक्षित रहता है और उसके बाद इन फाइल फोल्डरों का काम हो जाता है या जिन फाइल फोल्डरों की जरूरत नहीं होती है, तो उसे डिलीट कर देते हैं उसके बाद वह ट्रैक सेक्टर खाली हो जाता है. उसके बाद जब हम नई फाइल सेव करते हैं और रिट्रीव करने के लिए सर्च करते हैं, तो उसको सर्च करने में अधिक समय लग जाता है, क्योंकि ये किसी श्रेणी में नहीं होता है. जिसके कारण आपका कम्प्यूटर/लैपटॉप स्लो रिस्पांड करता है. इससे बचने के लिए आप डेफ्रेग्मेंट का सहारा ले सकते हैं, जो कि सभी फाइल्स और फोल्डर्स को एक श्रेणी में व्यवस्थित ढंग से सेव कर देता है. जिससे कम्प्यूटर/लैपटॉप को जल्द सर्च करने में मदद मिलती है और जल्द आउटपुट देता है. डेफ्रेग्मेंट करने के लिए आप स्टार्ट मेन्यू में जाकर ऑल प्रोग्राम के अंदर एक्ससरीज में जाकर सिस्टम टूल पर क्लिक करें, जहां आप उसके बाद डिस्क डिफ्रेगमेंट पर क्लिक करें और उसके बाद अपना ड्राइव सेलेक्ट करें जिसे डेफ्रेग्मेंट करना है और उसके बाद डेफेग्मेंट बटन पर क्लिक करें.
  • जब आप किसी प्रोग्राम को या किसी सॉफ्टवेयर को अपने कम्प्यूटर में चला रहे होते हैं, तो यह अपने साथ कुछ टेम्पोरेरी फाइल्स भी बनाते हैं. एक समय ऐसा आता है जब कुछ-कुछ फाइल्स जमा होकर हजारों की संख्या में एकत्रित हो जाती हैं, जो कि आपके कम्प्यूटर/लैपटॉप के हार्डड्राइव में जगह घेरता रहता है, जिसके कारण कम्प्यूटर/लैपटॉप की स्पीड कम होने लगती है. इसलिए आप अपने कम्प्यूटर/लैपटॉप के टेम्पोरेरी फाइल्स, रिसायकल बिन, हाइबरनेशन, और अन्य गार्बेज को समय-समय पर डिलीट करते रहते हैं. इसके लिए आप स्टार्ट में जाएं उसके रन में जाकर %temp% टाइप करें और इंटर कर दें. उसके बाद एक फोल्डर खुलेगा, जिसमें कई सारी फाइल्स और फोल्डर होंगे सभी को सिलेक्ट कर डिलीट कर दें. इस प्रक्रिया को दोहराते हुए %temp% के जगह पर सिर्फ temp और लिखकर इंटर करें और आए सभी फोल्डर और फाइल्स को डिलीट कर दें. समय-समय पर रिसायकल बिन को साफ करते रहें.
  • यदि आप इंटरनेट का प्रयोग कर रहे हैं, तो आप अपने ब्राउजर को अपनी जरूरत के अनुसार कस्टमाइज करें और उसमें चेक करें कि कोई अवांछिच प्लगइन्स या एडओंस इनस्टॉल तो नहीं है, जो कि आपके कम्प्यूटर के स्पीड को प्रभावित करता है. यदि कुछ इनस्टॉल है और आपको इसकी जरूरत नहीं तो आप अपने ब्राउजर की सेटिंग में जाकर उसे डिलीट कर दें.
  • कम्प्यूटर/लैपटॉप की हार्डड्राइव को पार्टीशन जरूर करें, जैसे आपका हार्ड डिस्क 500 जीबी का है, तो उसे एक पार्टिशन में न रखें. उसे 100 जीबी के पांच या 125 जीबी के 4 पार्टिशन में डिवाइड करवा लें, जिससे आपके कम्प्यूटर/लैपटॉप के स्पीड पर कोई असर न पड़े. यदि एक ही ड्राइव में सभी डाटा और ऑपरेटिंग सिस्टम रहा तो सिस्टम फाइल करप्ट होने पर सभी डाटा के लॉस होने का डर रहता है और स्लो प्रोसेसिंग की समस्या भी हो सकती है.
  • यदि आपके विन्डो के डेस्कटॉप पर कई फाइल्स और फोल्डर्स बिखरे पड़े हैं, तो आपने गौर किया होगा कि कम्प्यूटर/लैपटॉप खुलते समय स्लो रिस्पांड करता है. इसका कारण तो आप अब समझ गए होंगे, यदि आप चाहते हैं कि आपका कम्प्यूटर/लैपटॉप अपनी गति से चलता रहे, तो आप अपने विन्डों के डेस्कटॉप पर कम से कम शार्टकट और अधिक प्रयोग में आने वाली कुछ फाइल्स या फोल्डर्स ही रखें.
  • यदि आप ऊपर दिए सभी टिप्स को प्रयोग कर लिए हैं और उसके बाद भी आपके कम्प्यूटर/लैपटॉप की स्पीड अब भी कम है या पहले से बेहतर नहीं हुआ तो आप अपने कम्प्यूटर/लैपटॉप के ऑपरेटिंग सिस्टम और प्रोग्राम्स को री-इनस्टॉल करने के बारे में सोच सकते हैं पर री-इनस्टॉल करने से पहले अपने सभी डाटा और यूजर सेटिंग्स का बैकअप लें उसके बाद कम्प्यूटर/लैपटॉप के हार्डड्राइव को पूरी तरह वाइप करें और वास्तविक डिस्क से ऑपरेटिंग सिस्टम को इनस्टॉल करें उसके बाद एंटी वायरस सॉफ्टवेयर इनस्टॉल करें. उसके बाद अपनी जरूरत के हिसाब से दूसरे जरूरी सॉफ्टवेयर इनस्टॉल करें और लिए गए बैकअप से यूजर सेटिंग्स और डाटा को वापस अपने कम्प्यूटर/लैपटॉप में रख लें.

अब आपका कम्प्यूटर/लैपटॉप नए की तरह चलने लगेगा और आपको न पैसे खर्च करके नया कम्प्यूटर/लैपटॉप लेनी की जरूरत होगी. इन टिप्स को अपनाकर आप अपने कम्प्यूटर/लैपटॉप की स्पीड और परफॉरमेंस को नए की तरह बरकरार रख सकते हैं.

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श्याम सुन्दर प्रसाद

लेखक एक सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल हैं.

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