विधि-न्याय

वर्तमान की सबसे बड़ी जरूरत है भारत-पाकिस्तान की साझी अदालत- भरत गांधी

Share Article
india pakistan combined court
भारत पाकिस्तान की आपसी रंजिश के बीच पिस रहे कुलभूषण जाधव जैसे अन्य लोगों को न्याय मिले इसके लिए जरूरी है कि दोनों देशों के बीच एक साझी अदालत बनाई जाए. अंतर्राष्ट्रीय मामलों के जानकार और राज्य व्यवस्था में सुधार के मुद्दे पर दर्जन भर से ज्यादा पुस्तकें लिख चुके भरत गांंधी ने ये बात कही. वे असम में आर्ट ऑफ सक्सेस और वोटर्स पार्टी इंटरनेशनल की असम कमेटी द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित राजनीति सुधारकों की ट्रेनिंग को संबोधित कर रहे थे.
उन्होंने कहा कि भारत द्वारा पाकिस्तानी नागरिक और पाकिस्तान द्वारा भारतीय नागरिक के खिलाफ दिया गया अदालती फैसला निश्‍चित रूप से पूर्वाग्रह से प्रेरित होगा. इसलिए ये जरूरी है दोनों देशों के बीच एक साझा अदालत बनाई जा, जिसमें दोनों देशों के जज हों. भारत गांधी ने भारत के अन्य पड़ोसी देशों के साथ भी ऐसी अदालत बनाए जाने पर जोर दिया.
उन्होंने कहा कि इसके लिए तत्काल प्रभाव से एक अंतर्राष्ट्रीय संधि की जानी चाहिए. उन्होंने बताया, मैंने इससे जुड़ी संधि का मसौदा सभी देशों के विदेश मंत्रियों को विचार करने के लिए 15 सितंबर 2015 को ही भेज रखा है, भारत सरकार उसी संधि की पैरवी करें तो काम बन जाएगा. उन्होंने कहा कि इस संधि का यह मसौदा उनकी टीम ने पूरी तरह तैयार करके रखा हुआ है और दुनिया के 198 देशों के सरकारों को विचार करने के लिए उनके समक्ष प्रस्तुत किया है.
अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय कुलभूषण जाधव जैसे लोगों को न्याय नहीं दिला सकता, क्योंकि फांसी दिया जाए या न दिया जाए यह फैसला अंत में सुरक्षा परिषद करेगी. जिसमें चीन सहित केवल 5 देशों के मुखिया हैं. एक भी देश अगर कुलभूषण जाधव को फांसी पर लटकाने के पक्ष में चला गया, तो कुलभूषण जाधव को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय फांसी से बचा नहीं सकता. जब भारत चीन को अपना दुश्मन मानता रहा है, तो दुश्मन से न्याय की उम्मीद भारत को क्यों करनी चाहिए? इसलिए अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय की तत्काल जरूरत है.

Sorry! The Author has not filled his profile.
×
Sorry! The Author has not filled his profile.
Share Article

Comment here