इस शख्स की सूझबूझ ने बचा लिए सरकार के 20 हजार करोड़ और सैकड़ो जिंदगियां !

Shantnu-Bhaumik

नई दिल्ली (ब्यूरो, चौथी दुनिया)।  कई बार छोटे-छोटे प्रयासों से बड़ी-बड़ी कामयाबी मिल जाती है। प्रोफेसर शांतनु भौमिक के प्रयास ने ऐसा ही कुछ कर दिखाया। प्रोफेसर भौमिक ने देश के जवानों के लिए बुलेट प्रुफ जैकेट तैयार की है। प्रोफेसर का ये प्रयास कितने लाजवाब परिणाम के साथ सामने आया, आइए बताते हैं आपको।

प्रोफेसर भौमिक के प्रयास से सेना और सरकार का करीब 20 हजार करोड़ बचेगा। इसके अलावा सबसे अच्छी बात ये है कि अब सेना के हर जवान तक ये बुलेटप्रुफ जैकेट पहुंच सकेगी। ये जैकेट अल्ट्रा मॉर्डन लाइटवेट थर्मो प्लास्टिक तकनीक से बनी है। इसको प्रधानमंक्षी नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के अंतर्गत बनाया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय और रक्षा मंत्रालय से इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिली है।

अब तक भारत अमेरिका से बुलेटप्रुफ जैकेट खरीदता था। अमेरिका द्वारा भेजी गई जैकेट की कीमत करीब 1.5 लाख रुपये पड़ती थी। जबकि प्रोफेसर के द्वारा बनाई गई जैकेट की कीमत 50 हजार रुपये पड़ेगी। यानि की हर जैकेट पर करीब 1 लाख रुपये तक की बचत होगी। इसके अलावा प्रोफेसर द्वारा बनाई गई जैकेट का वजन सिर्फ 1.5 किलोग्राम तक है। जबकि अमेरिका से खरीदी गई जैकेट का वजन 15 से 18 किलोग्राम तक होता था। खास बात ये है कि ये जैकेट 57 डिग्री सेल्सियस तक काम करेगा। जबकि अन्य जैकट इतने तापमान पर काम करना बंद कर देती थी।

कौन है प्रोफेस शांतनु भौमिक       

प्रोफेसर शांतनु भौमिक अमृता यूनिवर्सिटी में एयरो स्पेस इंजीनियरिंग विभाग के चीफ हैं। भारतीय सेना के पूर्व डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ ले. जनरल सुब्रत साहा को इस प्रॉजेक्ट को शुरू करने के लिए उन्होंने धन्यवाद दिया। प्रोफेसर भौमिक को अपनी इस नए आविष्कार से काफी उम्मीदें हैं। उन्होंने इसे नेताजी सुभाष चन्द्र बोस को समर्पित किया ।