दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट, इससे रॉकेट लॉन्च किए जाएंगे

नई दिल्ली : माइक्रोसॉफ़्ट के को-फाउंडर पॉल एलेन ने अंतरिक्ष में सैटेलाइट भेजने के लिए एक विमान पेश किया. इस विमान को परीक्षण के लिए पहली बार हंगर के बाहर निकाला गया. इस विमान का नाम ‘स्ट्रेटोलॉन्च’ हैं जो आपस में जुड़े हुए दो विमानों की तरह दिखता है. उन्होंने दुनिया का सबसे बड़ा एयरोप्लेन है. जिसे अमेरिकी कंपनी Scaled Composites ने बनाया है. दुनिया के इस विशालकाय विमान में 385 फुट का विंगस्पैन लगया गया है.

इतना ही नहीं इसमें Boig 747 में यूज होने वाला छह जेट इंजन भी लगाया गया है. यह 50 फुट उंचा है और यह 5 लाख पाउंड का लोड उठा सकता है. यह इतना बड़ा है कि इसे मूव करने के लिए इसमें 28 चक्के लगे हैं. यह विमान क़रीब सवा दो लाख किलो तक का वज़न उठा सकता है. इस प्रोजेक्ट पर क़रीब 2000 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. यह इतना बड़ा है कि इसे बनाने के लिए सरकार ने स्पेशल परमिट जारी किया था. कंपनी ने एक एनीमेशन की मदद से इस विमान के जरिए सैटेलाइट को लॉन्च करने का तरीक़ा दिखाया, जिसमें स्ट्रेटोलॉन्च के दोनों कॉकपिट के बीच वाली जगह में सैटेलाइट से लैस एक रॉकेट जैसी चीज़ फिट होती है. विमान इस रॉकेट को अपने साथ आसमान में एक तय ऊंचाई पर ले जाकर तेज़ दबाव के साथ छोड़ देता है.

जिसके बाद रॉकेट सैटेलाइट को लेकर अंतरिक्ष में चला जाता है. ये विमान अंतरिक्ष में 1 हज़ार NAUTICAL मील की दूरी तक सैटेलाइट लॉन्च करने की क्षमता रखता है. रॉकेट को छोड़ने के बाद ये विमान वापस ज़मीन पर लौट आता है. आपको बता दें कि अमेरिका में हुआ ये प्रयोग अगर कारगर साबित होता है तो अंतरिक्ष में प्रयोगों के क्षेत्र में ये बड़ी क्रांति होगी. इसके जरिए मुश्किल से मुश्किल लक्ष्य तक सैटेलाइट को पहुंचाना बेहद आसान हो जाएगा.

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