दो दिन बाद मिली SDO की लाश, कहीं हादसे की आड़ में कोई साज़िश तो नहीं

rajasthan sdo dead body found after two days of search

नई दिल्ली: राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में दो दिन पहले नदी में बहे कुशलगढ़ उपखण्ड अधिकारी (एसडीओ) रामेश्वर दयाल मीणा को खोजने के लिए चलाया जा रहा रेस्क्यू ऑपरेशन रविवार को खत्म हो गया. एसडीओ का शव पांच किलोमीटर दूर सुगली नदी में पाया गया है. शव मिलने के बाद एसडीओ के परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए शव को लेने से इनकार कर दिया. परिवार वालों का कहना है की एसडीओ की हत्या करके शव को पानी में फेंक दिया गया है. इसके साथ ही उन्होंने मामले की सीबीआई से कराने की मांग की है. पुलिस ने परिजनों की शिकायत पर एसडीओ के ड्राइवर अशोक सहित कई लोगों पर केस दर्ज किया है.

जानकारी के मुताबिक़ एसडीओ रामेश्वर दयाल मीणा शुक्रवार सुबह बांसवाड़ा से कुशलगढ़ जा रहे थे. इसी दौरान वे बिलड़ी के पास ढेबरी नदी का पुल पार कर रहे थे, तभी नदी के तेज़ बहाव के कारण
उनकी गाड़ी पानी में बह गई. गाड़ी में मौजूद ड्राइवर अशोक तो तैरकर बाहर निकल आया लेकिन एसडीओ मीणा नदी के तेज बहाव में बह गए. अशोक ने बताया कि वह दोनों सुबह करीब सात बजे बांसवाड़ा से कुशलगढ़ के लिए निकले थे. पहले पुल पर पानी कम था, लेकिन अचानक से पुल पर पानी तेज आ गया जिससे उनकी गाड़ी बह गई थी.

एनडीआरएफ, एफडीआरएफ, गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से रविवार को एसडीओ मीणा का शव बहाव से करीब 5 किलोमीटर दूर मिला. कलेक्टर भगवती प्रसाद ने एसडीओ मीणा का शव मिलने की जानकारी दी. कलेक्टर के अनुसार, जिस तरह से उनकी सरकारी गाड़ी क्षतिग्रस्त हुई है उससे साफ जाहिर होता है कि बहाव काफी तेज था.

लेकिन इस मामले में सवाल इस बात पर उठता है कि जब मीणा का शव नदी की मिटटी से निकाला गया तो उसपर एक भी कपड़ा नहीं था. यह शायद पहला मामला है जिसमें पानी में बहने वाले व्यक्ति के शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं पाया गया है. यह बात शक पैदा करती है कि क्या यह सच में एक हादसा है या फिर यह सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गयी हत्या की साज़िश के तहत हुआ है जिसे हादसे की शक्ल देने का प्रयास किया जा रहा है. मामले की हकीकत तो पुलिस तहकीकात में ही सामने आएगी.