22 अगस्त को पूरे देश में रहेगी बैंकों की हड़ताल, ये है वजह

नई दिल्ली : बैंक यूनियन ने सरकार की नीतियों के खिलाफ 22 अगस्त को राष्‍ट्रव्‍यापी हड़ताल का एेलान किया है. बैंकों के 10 लाख कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर जाएंगे. यूनियन के एक शीर्ष नेता ने सोमवार को यह जानकारी दी. बैंक यूनियन सरकार के नीतियों जैसे बैंक विलय, एनपीए की सख्ती से वसूली और जीएसटी के बाद बढ़ी हुई सेवाओं के प्रभार सहित 17 मुद्दों के विरोध में हैं.

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियनों में सभी 9 बैंक यूनियन (एआईबीईए, एआईबीओसी, एनसीबीई, एआईबीओ, बीईएफआई, आईएनबीईएफ, आईएनबीओसी, नोबीडब्ल्यू, एनओओ) ने हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है.

यूनियन के महासचिव का कहा कि 9 बैंक यूनियनों तथा सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों के कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाली अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए) ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की है.

एसोसिएशन की  मांगों-  एसोसिएशन की खास मांगों में बैंक चार्ज में वृद्धि की वापसी, एनपीए की सख्ती से वसूली नहीं करना, संसदीय समितियों की अनुशंसाओं को लागू करना, एफआरडीआई बिल वापस लेना, सभी संवर्गों में समुचित भर्ती, बोर्ड-ब्यूरो को खत्म करना, बड़े बकायेदारों को अपराधी घोषित करना और जीएसटी का बोझ ग्राहकों पर नहीं डालना आदि हैं.

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