आर्थिककवर स्टोरी-2

अपनी मर्जी से कंगाल बनने वालों की संख्या में आई बढ़ोतरी, क्या है मामला?

Will full defaulter
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नई दिल्ली। बैंकों और दूसरे फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन से लोन लेकर अपनी मर्जी से कंगाल होने वाले डिफॉल्टर्स की संख्या में तेजी देखने को मिली है। साल 2015-16 के मुकाबले साल 2016-17 में विलफुल, मतलब अपनी मर्जी से कंगाल हुए लोगों की संख्या में 45 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। और अब ये कर्ज 1 लाख करोड़ के ऊपर पहुंच चुका है।

क्रेडिट सूचना ब्यूरो ट्रांसयूनियन सिबिल के आंकड़ों के अनुसार इस साल यानी मार्च के आखिर तक विलफुल डिफॉल्टर्स को दिया गया कर्ज 1,09,594 करोड़ रुपए है। जबकि पिछले साल ये रकम 74,694 करोड़ रुपए थी। यानी सिर्फ साल भर के भीतर इसमें करीब 34900 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई। आंकड़ों के अनुसार पिछले 5 सालों से विलफुल डिफॉल्टर्स की राशि में 84,000 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

अपनी मर्जी से हुए कंगालों ने सबसे ज्यादा पैसा एसबीआई से लिया गया है, SBI के करीब 997 अकाउंट्स विलफुल डिफॉल्ट्स घोषित हो चुके हैं। उन्होंने 15069 करोड़ रुपए कर्ज लिया है। इसके बाद पंजाब नेशनल बैंक का नंबर आता है जिसके 871 खाते कंगाल घोषित हो चुके हैं जिसके तहत 10,989 करोड़ रुपए कर्ज उठाया गया है। तीसरे नंबर पर बैंक ऑफ बड़ोदा है जिसका 4785 करोड़ रुपये कंगालों के पास है।

News Source- Money Bhaskar

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