आखिर हादसों पर कैसे ब्रेक लगाएगी भारतीय रेलवे

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नई दिल्ली: भारतीय रेलवे के इतिहास में शायद ऐसा पहली बार हो रहा है जब एक महीने के भीतर चार रेल हादसे हो गये हैं इसके बावजूद आपको हर रोज़ कहीं ना कहीं रेल दुर्घटना की खबर सुनने को मिल जाएगी. आपको बता दें कि सोनभद्र और दिल्ली के बाद आज नई दिल्ली से वाराणसी के मंडुआडीह स्टेशन पहुंच रही शिवगंगा एक्सप्रेस के इंजन की कपलिंग दो बार टूट गई. और दोनों ही बार इंजन और बाकी पूरी ट्रेन आधा किलोमीटर तक अलग-अलग दौड़ते रहे. इस ट्रेन में कुल 24 बोगियां हैं. इसके बाद तीसरी बार इंजन ही खराब हो गया.

जानकारी के मुताबिक इलाहाबाद से जिले से 20-25 किलोमीटर दूर रामनाथपुर और जंगीगंज स्टेशन के बीच सराय जगदीश के पास कपलिंग टूट गई. इससे ट्रेन में बैठे यात्रियों को जोरदार झटका महसूस हुआ और फिर पूरी ट्रेन बिना इंजन के दौड़ती रही. हालांकि ट्रेन कहीं इंजन को टक्कर मार दे, इसलिए ड्राईवर ने इंजन की स्पीड काफी तेज कर दी थी. इसके बाद कपलिंग दोबार जोड़ी और भदोही के ज्ञानपुर और अहिमनपुर के पास रेलवे स्टेशन के बीच इंजन को दोबारा ट्रेन से अलग हो गया. गनीमत इस बात की रही है दोनों ही बार कोई बड़ा हादसा होने से बच गया और सभी यात्री सुरक्षित हैं.

ट्रेनों में बार-बार हो रहीं दुर्घटनाओं से यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. गौरतलब है कि पिछले 30 दिनों में कई कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं. मुजफ्फरनगर में हुई दुर्घटना के बाद सुरेश प्रभु ने रेल मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था. उनकी जगह पीयूष गोयल को नया रेल मंत्री बनाया गया है.