टीकमगढ़: हक मांगा तो किसानों को नंगा कर पीटा

मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले में पुलिस ने आंदोलन कर रहे किसानों को थाने में नंगाकर पीटा. सरकार तर्क दे रही है कि ये आंदोलनकारी किसान नहीं, बल्कि कांग्रेस कार्यकर्ता थे, जो किसानों को भड़का रहे थे. हालांकि, यह सच है कि किसानों के आंदोलन को कांग्रेस पार्टी का समर्थन हासिल था. कांग्रेस पार्टी के कई नेता ‘किसान बचाओ-खेत बचाओ’ आंदोलन में शरीक थे. किसान टीकमगढ़ जिले को सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित करने के अलावा खराब फसलों का मुआवजा, बिजली बिल माफ करने और फसल बीमा राशि खातों में डाले जाने की मांग कर रहे थे. किसान 3 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट का घेराव करने जा रहे थे. वे चाहते थे कि कलक्टर अभिजीत अग्रवाल उनकी बात सुनें. आधे घंटे से भी ज्यादा समय तक वे कलेक्टर के बाहर निकलने का इंतजार करते रहे. तभी अचानक पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छा़ेडने शुरू कर दिए. इस दौरान पुलिस ने किसानों पर जमकर लाठियां भांजी. किसानों का आरोप है कि प्रदर्शन के बाद जब वे अपने घर लौट रहे थे, तब पुलिस उन्हें जबरन उठाकर थाने ले गई. थाने में सबके सामने उन्हें नंगाकर पीटा गया और हवालात में बंद कर दिया गया. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि प्रदर्शन से लौट रहे किसानों की दो ट्रालियों को पुलिस ने जबरन रोक लिया और उन्हें अपने साथ थाने ले गई. जब पूर्व मंत्री यादवेंद्र सिंह अपने समर्थकों के साथ थाने पहुंचे, तब किसानों को छोड़ा गया. वहीं, एसपी कुमार प्रतीक बता रहे हैं कि किसानों को पूछताछ के लिए थाने पर बुलाया गया था, जिन्हें एक घंटे बाद छोड़ दिया गया. प्रशासन का ये भी कहना है कि पहले आंदोलन कर रहे किसानों ने पुलिस पर पत्थरबाजी की थी. किसान कलेक्टर के रवैये से बेहद नाराज हैं और उनके निलंबन की मांग कर रहे हैं. मध्य प्रदेश सरकार ने पुलिस महानिदेशक को इस मामले की जांच कर तीन दिनों में रिपोर्ट  सौंपने के लिए कहा है. किसानों का कहना है कि सरकार किसानों के लिए केवल घोषणाएं कर रही है, जबकि जमीनी हालात जस-के-तस हैं. हाल में मध्य प्रदेश सरकार ने फसल की लागत और बिक्री पर विचार करने के लिए एक आयोग का भी गठन किया है. लेकिन अगर वाजिब मांगों को लेकर किसानों की बेरहमी से पिटाई की जाए, तो क्या इससे सरकार की मंशा पर सवाल नहीं खड़े होते. अगर आंकड़ों पर गौर करें तो, पिछले 16 साल में मध्यप्रदेश में 21 हजार किसान खुदकुशी कर चुके हैं.