ई-वॉलेट ट्रांजेक्शन हुआ आसान, धोखा-धड़ी से बचाएंगी RBI की नई गाइडलाइंस

RBI-ewallet

ऑनलाइन ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने और यूजर्स को गलत ट्रांजेक्शन से बचने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) जल्द ही मोबाइल वॉलेट के लिए नई गाइडलाइंस जारी करने जा रही है. अपने इस नई गाइडलाइंस में आरबीआई इंटरऑपरेबिलिटी को मंजूरी दे सकता है. जिसके जरिए यूजर्स के साथ होने वाले धोखाधड़ी का पता आसानी से लगाया जा सकता हैं. साथ ही इसके लिए यूजर्स को केवाईसी कराना भी अब जरूरी होगा.

वही क्रेडिट पॉलिसी में आरबीआई ने एेलान किया है कि अगले साल 2018, अप्रैल तक अलग-अलग ई-वॉलेट के बीच पैसे के लेन-देन भी शुरू किए जा सकेंगे. इससे पहले यूजर्स पैसे लेने देने के लिए e-wallet का इस्तेमाल करते थे वो एक कंपनी के ई-वॉलेट से दूसरी कंपनी के ई-वॉलेट में पैसे ट्रांसफर नहीं कर पाते थे.

अब RBI की नई गाइडलाइंस ये हो सकती है –

  •  कस्‍टमर्स UPI के जरिए अलग- अलग कंपनियों और बैंकों से पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे.

 

  • ई-वॉलेट का इस्तेमाल कर एक कंपनी के ई-वॉलेट से दूसरी कंपनी के ई-वॉलेट में पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे.

 

  • फंड ट्रांसफर की सुविधा मिल जाने पर सभी ई-वॉलेट्स को KYC नियमों का पालन करना होगा.

 

  • अगर केवाईसी पूरी नहीं होने तक यूजर्स सिर्फ 10 हजार रुपए ट्रांसफर कर सकते हैं. वही अगर यूजर्स 12 महीने के दौरान केवाईसी पूरी करा लेता है तो वह एक लाख रुपए तक ट्रांसफर कर पाएगा.