बघ्घी वाले दिन गए, सादगी से मना नेताजी का जन्मदिन

Mulayam Akhileshसमाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा आयोजित उनके 79 वें जन्मदिवस समारोह में उपस्थित होकर उन सारे कयासों का पटाक्षेप कर दिया, जो सपा नेताओं के पारिवारिक विवाद, अखिलेश के व्यवहार को लेकर मुलायम की नाराजगी और बेटे के बजाय शिवपाल के प्रति मुलायम के अधिक रुझान या नई पार्टी की स्थापना को लेकर लगाए जा रहे थे. हालांकि मुलायम-अखिलेश के बीच की अभिव्यक्तियों में सम्बन्धों की खटास थोड़ी-बहुत जाहिर होती रही. सादगी से मनाए गए जन्मदिवस समारोह में मुलायम ने केक काटा, अनिच्छा जताने के बावजूद बेटे अखिलेश को जबरदस्ती केक खिलाया, बड़े आह्लाद से बेटे का कंधा पकड़े रहे और उपस्थित नेताओं और जनसमूह को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी को मजबूत करने का आह्वान किया. 22 नवम्बर को मनाए गए जन्मदिवस समारोह में रामगोपाल यादव और शिवपाल यादव मौजूद नहीं थे. सादे समारोह में मौजूद कई लोग सपा शासनकाल में आजम खान द्वारा रामपुर में आयोजित शाहंशाहाना जन्मदिवस समारोह को याद कर रहे थे. इस बार के सादे समारोह में आजम भी नदारद थे.

मुलायम का जन्मदिवस समारोह विक्रमादित्य मार्ग स्थित पार्टी मुख्यालय में मनाया गया. सपा नेता किरणमय नंदा समारोह में ‘रेफरी’ की भूमिका में नजर आए. पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जब केक खाने से मना किया, तो मुलायम ने किरणमय नंदा से अखिलेश को पकड़ने को कहा और उसके बाद नेताजी अखिलेश को जबरन केक खिला कर ही माने. मुलायम बोले, ‘अखिलेश को हम आशीर्वाद देते रहेंगे. वो बेटा पहले है नेता बाद में.’ फिर यह भी कहा, ‘समाजवादी पार्टी हमारे ही बनाए रास्ते पर चल रही है.’ मुलायम ने कहा कि अगर वे अयोध्या में मस्जिद नहीं बचाते, तो उस दौर में कई नौजवानों ने हथियार उठा लिया होता. उन्होंने दावा किया कि मुसलमानों ने सपा का साथ नहीं छोड़ा है. विधानसभा चुनाव में सपा को महज 47 सीटें मिलने को शर्म की बात करार देते हुए मुलायम ने कहा कि यहां कई नेता ऐसे भी बैठे हैं, जिनके गांव के बूथ पर सपा हार गई, तब भी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें कितना सम्मानजनक पद दे दिया. नेताजी का इशारा सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम समेत कई उन नेताओं की ओर था, जो अखिलेश के बहुत खास हैं. मुलायम ने कहा, ‘हम खुलकर बोल रहे हैं, क्योंकि हम पार्टी को कमजोर होते नहीं देखना चाहते.’

समारोह में अकेले मुलायम ही बोले. इसके पहले पद्म भूषण और यशभारती सम्मान प्राप्त पंडित छन्नू लाल मिश्रा ने गणेश वंदना के बाद सोहर और बधाई गीत गाकर मुलायम सिंह यादव को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं. समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के अलावा उपाध्यक्ष किरणमय नंदा, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष संजय सेठ, प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय, पूर्व सांसद उदय प्रताप सिंह, धर्मेन्द्र यादव, राजेन्द्र चौधरी, एसआरएस यादव, डॉ. मधु गुप्ता, अरविन्द सिंह गोप समेत कई नेता मौजूद थे. प