अफगान राष्ट्रपति ने की मोदी से बात, नहीं उठाया पाक प्रधानमंत्री का फोन


अपने देश में आतंकियों को पनाह देने के कारण पाकिस्तान को एक बार फिर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है. अफगानिस्तान में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहिद खकान अब्बासी ने संवेदना जताने के लिए राष्ट्रपति अशरफ गनी को फोन किया था, लेकिन गनी ने पाक पीएम का फोन नहीं उठाया. वहीं असरफ गनी ने प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर लंबी बातचीत की, जिसमें दोनों नेताओं ने आतंकी पनाहगाहों को जड़ से खत्म करने पर चर्चा की.

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति असरफ गनी ने इस बारे में एक ट्वीट किया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने मुझे फोन कर इंसानियत के दुश्मनों के हाथ हाल में मारे गए हमारे नागरिकों के प्रति संवेदना जताई. हमारे पड़ोस में आतंकी पनाहगाहों को खत्म करने को लेकर हमने चर्चा की. उन्होंने यह भी कहा कि भारत हमेशा से अफगान का अच्छा दोस्त रहा है और सुख-दुख में साथ रहा है.

इधर टोलो न्यूज ने दावा किया है कि राष्ट्रपति गनी ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री अब्बासी से बात करने से साफ इनकार कर दिया. गौरतलब है कि काबुल इस्लामाबाद पर अफगानिस्तान में आतंकवादी समूहों को समर्थन देने का आरोप लगाता रहा है. अफगानिस्तान में हुए हाल के हमलों के बाद अफगानिस्तान के खुफिया विभाग प्रमुख मासूम स्टानिकजई और विदेश मंत्री वाइस अहमद बरमाक ने पाकिस्तान का औचक दौरा किया है. माना जा रहा है कि इस दौरे में अफगान प्रतिनिधिमंडल सबूत जुटाने की कोशिश करेगा.