कछुआ तस्करों का अड्‌डा बनता बोधगया

kachhuaaबिहार का गया कछुआ तस्करों के लिए सुरक्षित जगह बनता जा रहा है. एक सप्ताह के अंदर ही यहां से दो कछुआ तस्कर पकड़े गए हैं, जो देश के विभिन्न स्थानों से कछुओं को लाकर बोधगया में बेचा करते थे. पुलिस पूछताछ में उन्होंने बताया कि इस सीजन में चूंकि बोधगया में पर्यटन बढ़ गया है, इसलिए कछुआ मांस की मांग भी बढ़ रही है. अब बोधगया में कछुआ के मांस की बिक्री की बात सामने आने से वन विभाग और पुलिस महकमा भी सक्रिय हुआ है. कछुआ तस्करी में बोधगया के स्थानीय लोगों की संलिप्तता के बारे में भी पुलिस पता लगा रही है.

बोधगया में पर्यटन सीजन में तिब्बत, लद्दाख, भूटान, नेपाल आदि देशों से आए श्रद्धालु भी टेंट लगाकर रेस्टोरेंट खोल लेते हैं, जिनमें वे अपने-अपने देश के राज्यों के व्यंजन उपलब्ध कराते हैं. ऐसा कहा जाता है कि इन्हीं रेस्टोरेंट में कछुओं के मांस की खपत होती है. ऐसी आशंका के मद्देनजर कुछ दिन पूर्व बोधगया के नोड वन में लगाए गए टेंट रेस्टोरेंट में पुलिस तथा स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त छापेमारी हुई थी. लेकिन उस समय किसी तरह की आपत्तिजनक या प्रतिबंधित सामानों की बरामदगी नहीं हुई थी. पुलिस को संदेह था कि देश के विभिन्न स्थानों से तस्करी कर लाए जा रहे कछुओं की खपत बोधगया में इन्हीं अस्थायी रेस्टोरेंट में होती है.

13 जनवरी 2018 को गया पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि स्टेशन रोड के एक बड़े होटल में बड़ी संख्या में कछुआ के साथ एक व्यक्ति ठहरा हुआ है. कोतवाली पुलिस और टेक्निकल सेल की टीम ने चिन्हित होटल में छापेमारी की, तो एक कमरे से ट्रॉली बैग से प्रतिबंधित 244 कछुओं की बरामदगी की गई. इसमें चेन्नई का एक तस्कर एम जयशंकर भी गिरफ्तार हुआ. बरामद कछुओं की कीमत करीब 15 लाख रुपए बताई गई. इन सभी को बोधगया में सप्लाई किया जाना था. गिरफ्तार तस्कर ने स्वीकार किया कि वह चेन्नई से कछुओं को लेकर आया था और बोधगया में एक ठिकाने पर इनकी आपूर्ति करनी थी.

पुलिस ने सभी कछुओं को वन विभाग को सौंप दिया. इससे पूर्व आठ जनवरी 2018 को भी कोलकाता से बोधगया लाए जा रहे 230 कछुओं को गया रेल पुलिस की टीम ने पकड़ा था. इनके साथ एक तस्कर रजीम खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जबकि कोलकाता का एक व्यक्ति भाग गया. गिरफ्तार तस्कर बिहार के नवादा जिले के अकबरपुर थाने के राजबर मुहल्ले का निवासी है. इन सभी 230 कछुओं को बोधगया में खपाने की योजना थी. उस समय रेल एसपी जितेन्द्र मिश्रा ने बताया था कि अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ रेल पुलिस का सर्च अभियान चल रहा था, उसी दौरान हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस के बी-1 कोच से एक युवक बड़ा ट्रॉली लेकर उतरा था.

संदिग्ध स्थिति में होने की वजह से पुलिस ने उसके बैग की तलाशी ली, तो पांच बड़ी पोटली में कछुए बांधे हुए मिले. उनकी कीमत 20 लाख के आस-पास आंकी गई. पिछले साल भी जीटी रोड पर बड़ी मात्रा में कछुए बरामद हुए थे. लेकिन तब यह बात सामने नहीं आई थी कि इन कछुओं की आपूर्ति बोधगया में की जाती है. केवल बोधगया में ही इतनी बड़ी मात्रा में हो रही कछुआ तस्करी चिंता की बात है.

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