कहीं दूसरी पद्मावत न बन जाए…मणिकर्णिका

आपको बता दें कि मणिकर्णिका का अर्थ क्या है? मणियों से जड़ा हुआ कान में पहनने का जो गहना होता है, उसे मणिकर्णिका कहते हैं. पद्मावत के बाद अब एक और ऐतिहासिक फिल्म मणिकर्णिका बनाई जा रही है, जिसमें कंगना रनौत मुख्य भूमिका में दिखेंगी. इस फिल्म का विरोध अभी से शुरू हो गया है. ब्राह्मण समाज की ओर से इस फिल्म का विरोध किया जा रहा है. सूत्रों के अनुसार इस विरोध में करणी सेना भी उनका साथ दे रही है.

नई दिल्ली (प्रवीण कुमार) : संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत को लेकर देशभर में करणी सेना ने खूब उत्पात मचाया और विरोध किया. जिसका नतीजा यह हुआ कि फिल्म कई राज्यों में दिखाई नहीं गई, जिसके तहत फिल्म को काफी हद तक नुकसान भी उठाना पड़ा. विरोध के बावजूद फिल्म पद्मावत ने बॉक्स ऑफिस पर तोबड़तोड़ कमाई की और दर्शकों का दिल जीतने में कामयाब रही. अब बात पद्मावत की नहीं, बल्कि एक और ऐतिहासिक फिल्म मणिकर्णिका : द क्वीन ऑफ झांसी की है. जी हां, पद्मावत के बाद अब एक और ऐतिहासिक फिल्म मणिकर्णिका बनाई जा रही है, जिसमें कंगना रनौत मुख्य भूमिका में दिखाई देंगी. लेकिन फिल्म का विरोध अभी से शुरू हो गया है. बता दें कि ब्राह्मण समाज की ओर से इस फिल्म का विरोध किया जा रहा है और सूत्रों के अनुसार इस विरोध में करणी सेना भी उनका साथ दे रही है. अब आप यह भी जान लीजिए कि मणिकर्णिका का अर्थ क्या है? आपको बता दें कि मणियों से जड़ा हुआ कान में पहनने का जो गहना होता है, उसे ही मणिकर्णिका कहते हैं.

पद्मावती की तरह कंगना रनौत भी अब विरोधियों के निशाने पर आ रही हैं. इसकी वजह यह बताई जा रही है कि इस फिल्म में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई और अंग्रेज के बीच लवमेकिंग सीन शूट किया जा रहा है, जबकि फिल्म में झांसी की रानी का मेन लीड रोल प्ले कर रहीं अभिनेत्री कंगना का कहना है कि फिल्म में ऐसा कुछ भी नहीं है. उनका अंग्रेज अफसर के साथ कोई लवमेकिंग सीन नहीं है. लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय गर्व हैं और उनके बारे में कुछ भी गलत सोचना घटिया बात होगी.
कंगना ने आगे कहा कि देश की जिस बेटी ने आजादी के आंदोलन में अहम भूमिका निभाई, उनका नाम लोग गर्व के साथ लेते हैं. इस फिल्म के साथ जुड़ना मेरे लिए गर्व की बात है. इस फिल्म के बारे में गलत सोचना भी बहुत निचले स्तर की बात है. हम तो कभी ऐसा सोच भी नहीं सकते. मैं यह कहना चाहूंगी कि कुछ लोग विवाद के जरिए पॉपुलैरिटी चाहते हैं. झांसी की रानी के प्रेम-प्रसंग के बारे में जो वे बोल रहे हैं, इस फिल्म में ऐसा कुछ भी नहीं है.

कंगना ने आगे यह भी कहा कि इस तरह से विवाद पैदा करने की कोशिश से फिल्म के डायरेक्टर को काफी नुकसान पहुंचा है. फिल्म बाहुबली के राइटर ने ही यह फिल्म लिखी है और वे इस किरदार से इतने प्रभावित हुए कि अपनी बेटी का नाम तक मणिकर्णिका रख दिया. कंगना रनौत ने ये बातें जोधपुर में फिल्म की शूटिंग के दौरान कहीं. देश में अब ऐतिहासिक फिल्मों को लेकर जिस तरह का विरोध हो रहा है, उसे देखते हुए ऐतिहासिक फिल्मों को बनाने के बारे में फिल्म निर्देशकों को दस बार सोचना पड़ेगा. भूल से भी फिल्मों में अगर कुछ गलत चला गया, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हुईं, तो फिल्म को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा. आगे चलकर फिल्म और निर्देशक दोनों को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है.

हालांकि सुनने में यह भी आ रहा है कि झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर आधारित फिल्म मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी को लेकर विवादों का दौर खत्म हो गया है. फिल्म के प्रोड्‌यूसर्स ने सर्व ब्राह्मण महासभा को लिखित में आश्वासन देते हुए कहा है कि फिल्म में कुछ भी अपमानजनक नहीं है और ना ही ऐतिहासिक तथ्यों से साथ कोई छेड़छाड़ की गई है. टीम की ओर से दिए गए इस लिखित आश्वासन के बाद ब्राहमण समाज ने अपना आंदोलन खत्म तो कर दिया है, लेकिन कहा नहीं जा सकता है कि आगे चलकर फिल्म को लेकर कोई विवाद न हो. समय आने पर पता चल ही जाएगा कि फिल्म को लेकर लोगों की क्या प्रतिक्रियाएं होती हैं और कितना विवाद उठाया जा सकता है. बताया जा रहा है कि फिल्म 3 अगस्त को रिलीज होगी.

 

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