…तो इस वजह से कम होने लगती है धीरे-धीरे पुरुषों की मर्दानगी

Male-Infertility

अभी भी देश में बहुत सी ऐसी फैमली है यहां किसी दम्पति का बच्चा नहीं हो रहा तो इसका सीधा आरोप घर वाले महिला पर डाल देते हैं. वही पुरुष पर कोई भी उंगली तक नहीं उठता. लेकिन किसी एक पर आरोप लगाना गलत है. एक शोध में खुलासा हुआ है कि संतान उत्पत्ति ना होने की वजह सबसे ज्यादा पुरुष होते हैं, किसी-किसी मामले में महिलाओं में कमी पाई जा सकती है.

बता दें कि एक शोध में पाया गया कि पिछले 40 साल में लगभग 60% तक वेस्ट में रहने वाले पुरुषों के स्पर्म की संख्या कम हो गई है. इसकी वजह पुरुषों की लाइफस्टाइल यानी मॉर्डन वर्ल्ड माना जा रहा है जो पुरुषों की हेल्थ पर बुरा प्रभाव डाल रहा है.

जी हां, देखा जाए तो ज्यादातर पुरुष केमिकल्स, फर्नीचर में इस्तेमाल हुए रिटर्डेंट, डाइट में ज्यादा एल्कहोल, कैफीन, प्रोसेस्ड मीट, सोया और आलू अपने रोजाना यूज में लाते हैं. इसका सीधा असर पुरुषों की फर्टिलिटी पर पड़ता है और पुरुष धीरे-धीरे अपनी मर्दानी शक्ति खो देते हैं.

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शोधकर्ताओं का कहना है कि उत्तरी यूरोप में आज 15% युवा पुरुषों में इतना कम स्पर्म काउंट है कि उनकी प्रजनन क्षमता बिगड़ रही है और जब ये महिलाएं 30 की उम्र के बाद फैमिली प्‍लानिंग करती हैं तो ये रेट डबल हो जाता है. यानि कपल्स की फर्टिलिटी अधिक डाउन हो जाती है. जिस वजह से महिला माँ नहीं बन पाती है.

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