चुनावी राजनीति से उमा भारती का संन्यास, पार्टी के लिए काम करती रहेंगी


भाजपा की वरिष्ठ नेता साध्वी उमा भारती ने चुनावी राजनीति से संन्यास की घोषणा की है. उम्र और स्वास्थ्य का हवाला देते हुए उन्होंने कहा है कि अब मैं कोई चुनाव नहीं लड़ूंगी, लेकिन पार्टी के लिए काम करती रहूंगी. उमा भारती केंद्रीय मध्यप्रदेश के झांसी से सांसद हैं और वर्तमान में वे मोदी मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण सदस्य हैं.

संवाददाताओं से बातचीत में उमा भारती ने कहा कि वे दो बार सांसद रही हैं और पार्टी के लिए काफी काम किया है, उसी के चलते इतनी कम उम्र में उनका शरीर जवाब देने लगा है. कमर और घुटनों में दर्द के चलते चलने-फिरने में परेशानी होती है. उन्होंने कहा कि वे पार्टी के लिए प्रचार करती रहेंगी. गौरतलब है कि उमा भारती को उच्च रक्तचाप की गंभीर समस्या है. इसी के कारण वे कुछ दिन पहले एम्स में भर्ती हुई थीं. इससे पहले 2016 और 2017 में भी सीने में दर्द और उच्च रक्तचाप की समस्या के कारण उन्हें एम्स में भर्ती होना पड़ा था.

राम मंदिर आंदोलन की बड़ी नेता रहीं उमा भारती ने इससे जुड़े सवाल पर कहा कि इस मामले में न्यायालय अपना फैसला सुना चुका है, लिहाजा आपसी सहमति से राम मंदिर का निर्माण हो जाना चाहिए. भाजपा की यह फायर ब्रांड नेता मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री भी रही हैं. झांसी से पहले वे खजुराहो से सांसद थीं. उससे पहले उमा भारती मलेहरा और चरखारी से विधायक रह चुकी हैं. वे बुंदेलखंड की बड़ी प्रभावशाली नेता हैं और पूरे देश में हिंदूवादी नेता के तौर पर अपनी पहचान रखती हैं.

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