चम्पारण से शरद का शंखनाद, बग़ावत की धरती से लोकतंत्र बचाने निकला हूं

sharadजनता दल यूनाइटेड से अलग होने के बाद से शरद यादव लगातार नीतीश कुमार के खिलाफ आक्रामक रुख अख्तियार किए हुए हैं. अपनी संवाद यात्रा के क्रम में बीते दिनों शरद यादव चम्पारण पहुंचे, जहां से उन्होंने राज्य और केंद्र से एनडीए सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्‌वान किया. उन्होंने कहा कि आज लोकतंत्र खतरे में है और चम्पारण बगावत की धरती रही है, इसीलिए वे यहां से लोकतंत्र बचाने के लिए आए हैं. गौरतलब है कि नीतीश कुमार के महागठबंधन से अलग होकर भाजपा से हाथ मिलाने के बाद शरद यादव ने बागी रुख अपनाते हुए नीतीश के उस कदम को जनाधार का अपमान करार दिया था.

उसके बाद लालू यादव की पार्टी से उनकी नजदीकियों के कारण जदयू ने उनकी राज्यसभा सदस्यता खत्म करा दी थी. इस बागी नेता ने जदयू पर अपना हक जताते हुए चुनाव आयोग का भी दरवाजा खटखटाया था, लेकिन वहां से भी इन्हें निराशा हाथ लगी. उसके बावजूद शरद यादव जदयू पर अपना अधिकार जताते रहे हैं. जदयू (शरद गुट) के अंतर्गत शरद यादव बिहार में अपना जनमत बनाने के लिए दौरा कर रहे हैं.

चुनावी तैयारियों के मद्देनजर, जदयू (शरद गुट) की तरफ से बिहार के 21 जिलों में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति हो चुकी है, बाकी बचे जिलों में भी नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है. जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के तुरंत बाद शरद यादव ने अपनी पांचवे चरण की संवाद यात्रा शुरू की. 20 से 24 फरवरी के बीच संवाद यात्रा के दौरान शरद यादव ने हाजीपुर, केसरिया, मोतिहारी और बेतिया आदि जगहों पर सभा और नवनियुक्त जिलाध्यक्षों से भेंटवार्ता की. 21 फरवरी को केसरिया के राजकीय मध्य विद्यालय प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जदयू (शरद गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि नीतीश कुमार ने 11 करोड़ बिहारवासियों के साथ धोखा किया है.

बिहार की जनता ने महागठबंधन को बिहार की सत्ता सौंपी थी. बिहार की जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश के एनडीए में जाने से महागठबंधन पर कोई असर नहीं पड़ा है. महागठबंधन जारी है. लोकतंत्र के कचरे को बिहार की जनता झाड़ू मार कर साफ कर देगी. संवाद यात्रा को मिल रहा लोगों का अपार समर्थन ही नीतीश के दुर्दिन की झांकी है. जनता को सावधान करते हुए शरद यादव ने कहा कि नीतीश कुमार धोखेबाज हैं. सत्ता के लिए उन्होंने सिद्धांत का गला घोंट दिया.

एनडीए से अलग होने के बाद नीतीश कुमार ने ही महागठबंधन बनाने के लिए पहल की थी और इसके लिए वे कई बार लालू प्रसाद के घर भी गए थे. पार्टी पर हक को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में शरद यादव ने कहा कि असली जनता दल की लड़ाई वे सुप्रीम कोर्ट में लड़ रहे हैं और नए दल के गठन हेतु नाम को लेकर चुनाव आयोग में आवेदन विचाराधीन है. चुनाव आयोग की स्वीकृति मिलते ही राष्ट्रीय सम्मेलन बुलाकर नए दल के गठन की घोषणा की जाएगी.

संवाद यात्रा के क्रम में शरद यादव 22 फरवरी को पश्चिम चम्पारण पहुंचे. पूर्वी और पश्चिमी चम्पारण की सीमा माधोपुर चौक पर पश्चिम चम्पारण से जदयू (शरद गुट) के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष अमित कुमार, बेतिया सदर विधायक मदन मोहन तिवारी और राजद कार्यकर्ताओं ने गाजे-बाजे के साथ शरद यादव का स्वागत किया. इसके बाद मझौलिया में एक सभा को सम्बोधित करने के दौरान शरद यादव ने कृषि मंत्री राधामोहन सिंह को सुझाव देते हुए कहा कि वे अपने प्रधानमंत्री जी को याद दिलाएं कि मोतिहारी शुगर मिल और मझौलिया शुुगर मिल की हालत खस्ता हो चुकी है. आपलोगों ने इसमें सुधार करने का वादा किया था, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ. इसके बाद जौकटिया में हुई सभा में उन्होंने कहा कि बिहार में जनकल्याणकारी योजनाओं के नाम पर लूट मची हुई है. 24 फरवरी को बापू की कर्मभूमि वृंदावन में शरद यादव ने लोकतंत्र बचाओ संवाद अभियान कार्यक्रम के तहत एक सभा को सम्बोधित किया.

उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दोनों सरकारों ने जनता के साथ वादाखिलाफी किया है और इसे कभी भी माफ नहीं किया जा सकता. वृंदावन में शरद यादव ने गांधी आश्रम में बापू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. जनसभा को संबोधित करते हुए जदयू शरद गुट के प्रदेश अध्यक्ष रमई राम ने कहा कि नीतीश कुमार नौटंकीबाज हैं. वे विकास की ओर से जनता का ध्यान हटाने के लिए कभी दहेजबंदी तो कभी बाल विवाह पर रोक लगाने का राग अलाप रहे हैं. वहीं पूर्व मंत्री अर्जुन राय ने चम्पारण वासियों से अपील की कि वे शरद यादव के नेतृत्व में शुरू हुए जन आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाएं.

इस कार्यक्रम को बेतिया सदर विधायक मदन मोहन तिवारी ने भी संबोधित किया. इस पूरे कार्यक्रम की अध्यक्षता पश्चिम चम्पारण से जदयू (शरद गुट) के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष अमित कुमार ने की. चौथी दुनिया से बातचीत में अमित कुमार ने कहा कि बिहार और केंद्र की सरकार जिस राह पर चल रही है, वह पूरी तरह से लोकतंत्र और लोगों के खिलाफ है. शरद यादव जी के नेतृत्व में बिहार की जनता ने इसके खिलाफ बिगुल फूंक दिया है. शरद जी के कार्यक्रमों में उमड़ रही भीड़ इसकी बानगी है कि बिहार के युवा अब परिवर्तन चाहते हैं.

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