सच में है कैश की किल्लत या बलात्कार मामलों से ध्यान भटका रही सरकार

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साल 2016 में हुई नोटबंदी तो आप सभी को याद ही होगी इस नोटबंदी के दौरान देश की जनता ने वो वक्त देखा है जिसकी कल्पना भर से को भी परेशान हो जाएगा. दरअसल नोटबंदी के दौरान देश में कैश की भारी किल्लत हो गयी थी. देश भर के एटीएम खचाखच भरे हुए रहते थे और पैसे निकालने के लिए घंटों तक लाइन में लगे रहना पड़ता था. अब एक बार फिर से देश की जनता को नोटबंदी का वो दौर याद आ गया है.

बता दें की देश के तमाम शहरों के एटीएम खाली पड़े हुए हैं उन सभी में कैश की भारी किल्लत है और इस वजह से देश की जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. देश के एटीएम में ऐसी दिक्कत क्यों हो रही है सरकार इस बात से अनजान है, सरकार ने तो यहां तक कहा है कि ऐसी कोई दिक्कत है ही नहीं. आखिर जो बात जनता को पता चल गयी है वो सरकार को पता क्यों नहीं चल रही है.

अचानक हुई कैश की किल्लत को देखते हुए लोग तो यहाँ तक भी कह रहे हैं कि बलात्कार के मामलों से मौजूदा सरकार की छवि को नुकसान ना पहुंचे इसलिए एटीएम से कैश गायब करवाया जा रहा है जिससे देश की जनता का ध्यान भटकाया जा सके, क्योंकि अचानक हुई कैश की किल्लत का कोई तुक भी नहीं बनता है ना ही कोई नोटबंदी हुई है तो फिर ऐसे समय में लोगों को कैश की किल्लत क्यों हो रही है ये तो सिर्फ भगवान जानते हैं या फिर सरकार.

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बता दें कि गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में कैश की कमी है. एटीएम के बाहर फिर से लोगों की लंबी कतारें दिख रही हैं. लोगों में डर है कि कहीं देश में फिर नोटबंदी जैसे हालात न हो जाए. वहीं हालात से निपटने के लिए बयान तो आ रहे हैं. लेकिन नोटबंदी की तरह जितने मुंह उतनी बातें हो रही हैं. वित्त मंत्री अरुण जेटली कर रहे हैं कि कैश का कोई संकट नहीं है जबकि वित्त राज्यमंत्री शिव प्रताप शुक्ला मान रहे हैं कि संकट तो है और दो-तीन में स्थिति सामान्य हो जाएगी.