बीजिंग के एससीओ समिट में आतंकवाद को समर्थन देने वालों पर बरसीं सुषमा


शंघाई को-ऑपरेशन आर्गेनाइजेशन यानि एससीओ समिट में हिस्सा लेने बीजिंग पहुंचीं, भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज मंगलवार को आतंकवाद और उसे समर्थन देने वाले देशों पर जमकर बरसीं. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का आहवान करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया भर में आतंकवाद से मुकाबला करने के लिए यूएनएससी को आतंकियों का समर्थन करने वाले देशों पर कार्रवाई करनी चाहिए. सुषमा स्वराज ने आतंकवाद को दुनिया की सबसे बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि आज दुनिया के सामने कई चुनौतियां हैं, लेकिन इनमें सबसे ज्यादा खतरा वैश्विक आतंकवाद से है.

आंतकवाद से निपटने के लिए उन्होंने मजबूत सुरक्षा ढांचा तैयार करने की जरूरत पर बल दिया. साथ ही उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि सिर्फ आतंकियों से लड़कर हम इस समस्या को खत्म नहीं कर सकते. इसके लिए हमें सबसे पहले उन देशों की पहचान करनी चाहिए और उन पर कार्रवाई करनी चाहिए जो इन्हें आर्थिक मदद और समर्थन दे रहे हैं. इसके लिए उन्होंने व्यापक समिट को जरूरी बताया. उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को सुरक्षा के लिए अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद पर एक व्यापक समिट कराने की जरूरत है. भारत ने 20 साल पहले संयुक्त राष्ट्र में एक ऐसी समिट का प्रस्ताव भी दिया था.

विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि आतंकवाद जीवन, शांति और समृद्धि जैसे मूल मानवाधिकारों का दुश्मन है और इसलिए संरक्षणवाद को पूरी तरह से खारिज करना चाहिए. आतंकी संगठन विश्वभर में स्थिरता को खत्म कर रहे हैं और भय का माहौल बना रहे हैं जो बहुलवाद का समर्थक है. उन्होंने कहा कि शंघाई को-ऑपरेशन देशों के साथ कनेक्टिविटी भारत की प्राथमिकता है. काबुल, कंधार, नई दिल्ली और मुंबई के बीच एयर कार्गो कॉरिडोर भी मौजूद है. गौरतलब है कि सुषमा स्वराज एससीओ की जिस बैठक को संबोधित कर रही थीं, उसमें पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ भी मौजूद थे.