शुरुआती दौर में फ्लॉप थीं माधुरी दीक्षित

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नई दिल्ली (प्रवीण कुमार) : बीते दौर की सुपरस्टार रह चुकी माधुरी दीक्षित आज भी अपनी खूबसूरती और अभिनय के दम पर करोड़ों दिलों पर राज करती है. एक सुपरस्टार से लेकर सफल हाउस वाइफ तक माधुरी का जीवन एक खुली किताब है.

माधुरी दीक्षित 15 मई को 51 साल की हो चुकी है. लेकिन आज भी वे अपनी लोकप्रियता से नई हीरोइनों को परेशान कर देती हैं. शायद यही वजह है कि उनके साथ स्टेज शेयर करने में कई नई हीरोइनें झिझक जाती हैं. माधुरी को आज भी युवा पीढ़ी उनको अपना आदर्श मानती हैं. माधुरी ने अपने जीवन में जो मुक़ाम हासिल किया है वो बॉलीवुड की हर हीरोइन हासिल करना चाहती है, लेकिन इसे हासिल करना माधुरी के लिए इतना आसान नहीं था. इस मुकाम को पाने के लिए माधुरी ने जो कड़ी मेहनत की है वो बहुत कम हीरोइनें कर पाती हैं. एक साधारण सी महाराष्ट्रियन लड़की से लेकर बॉलीवुड की सुपर स्टार तक का सफर तय करने में माधुरी ने कई उतार चढ़ाव देखे लेकिन कभी हार नहीं मानी.

यही वजह है जिससे वे लगभग 2 दशक तक इंडस्ट्री पर राज किया और बॉलीवुड के लगभग सभी स्टार अभिनेताओं के साथ काम किया. वह इतनी प्रसिद्ध थी कि मशहूर पेन्टर एम. एफ. हुसैन माधुरी के इतने बड़े फैन थे कि उन्होंने माधुरी की फिल्म आजा नच ले देखने के लिए पूरा थियेटर बुक कर लिया था. उनके जीवन के बारे में कुछ ऐसे तथ्य हैं जिनको शायद आपने कभी नहीं सुना होगा.

क्या आपको पता है, 1984 में आई माधुरी की पहली फिल्म अबोध बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से फ्लॉप रही थी. यह फिल्म राजश्री प्रोडक्शन ने बनाई थी जिसमें माधुरी ने एक गांव की लड़की का रोल निभाया था. फ्लॉप फिल्म के बावजूद माधुरी ने लोगों पर अपनी छाप छोड़ दी थी. उस समय के फिल्म क्रिटीक्स ने भी माधुरी की काफी तारीफ की थी. लेकिन साल 1984 से लेकर 1987 तक लगातार माधुरी की कई फिल्में बॉक्स आफिस पर लगातार पिटती चली गई. उस समय लगातार मिल रही असफलता से माधुरी ने इंडस्ट्री छोड़ने का मन बना लिया था.

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फिल्म तेज़ाब ने बदलकर रख दी क़िस्मत- लगातार कई फ्लाप फिल्में देने के बाद माधुरी को साल 1988 में फिल्म निर्देशक एन चंद्रा की ब्लॉकबस्टर फिल्म तेज़ाब में काम करने का मौका मिला. इस फिल्म के बाद तो जैसे माधुरी की किस्मत ही बदल गयी. फिल्म ने दर्शकों के दिल पर ऐसा जादू किया कि आज भी इस फिल्म को लोग भूल नहीं पाए हैं. इसके बाद माधुरी मे कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. इस फिल्म का गाना एक दो तीन आज भी सबकी ज़ुबान पर चढ़ा हुआ है. इसके बाद माधुरी की कुछ और फिल्में बॉक्स ऑफिस पर असफल होती चली गई. मानो ऐसा लग रहा था जैसे माधुरी का बुरा दौर फिर से वापस आ गया हो. लेकिन माधुरी ने हार नहीं मानी. 1989 में निर्देशक राजीव राज की मल्टीस्टारर फिल्म त्रिदेव आई. माधुरी की यह फिल्म सुपरहिट साबित हुई और उनका अभिनय दर्शकों को खूब पसंद आया.

जब सुभाष घई ने पहचाना माधुरी का टैलेंट – माधुरी ने अपने शुरुआती करियर में 1984 से 1989 तक लगभग 15 फिल्मों में काम किया. जिसमें उनकी महज दो फिल्में तेज़ाब और त्रिदेव ही सफल रही. कोई भी निर्देशक माधुरी के फिल्मी रिकॉर्ड को देखते हुए अपनी फिल्मों में इतनी आसानी से लेना नहीं चाहता था. लेकिन उनके टैलेंट को अगर किसी ने सही मायने पर पहचाना था वह थे सुभाष घई. बताया जाता है कि एक बार सुभाष घई कश्मीर में अपनी किसी फिल्म की शूटिंग कर रहे थे. फिल्म में एक गाना फिल्माया जाना था, जिसके लिए माधुरी को कश्मीर बुलाया गया. बस फिर क्या था सुभाष ने माधुरी की उस प्रतिभा को पहचान लिया जो और कोई नहीं पहचान पाया था. माधुरी के हाथ से वो गाना तो चला गया लेकिन सुभाष की फिल्म राम लखन आ गयी जो साल 1989 की सबसे कामयाब फिल्मों में से एक थी.

संजय दत्त संग जब लड़ी आंख- जब माधुरी सफल हो चुकी थी तब उनके और संजय दत्त के प्यार के किस्से भी काफी चर्चित हुए थे. सुनने में आता है कि यह लोग शादी भी करने वाले थे लेकिन जब संजय 1993 बम ब्लास्ट केस में फंस गये तो घरवालों के कहने पर माधुरी ने संजय से दूरियां बढ़ा ली और यह प्रेम कहानी यहीं खत्म हो गयी. इन दोनों ने कई फिल्मों साथ काम किया था जो काफी सफल भी रही थी. 90 का दशक में माधुरी की लोकप्रियता अपने चरम पर थी. लोकप्रियता का आलम यह था कि उनको फिल्म के हीरो से ज्यादा फीस मिलने लगी थी. कहा जाता है कि फिल्म हम आपके हैं कौन के लिए माधुरी को दो करोड़ से ज्यादा रुपये मिले थे जो कि सलमान की फीस से भी ज्यादा थे.

फिल्मफेयर में बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड के लिए 13 बार नामित हुईं, जिसमें उन्होंने 6 बार फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता. माधुरी बॉलीवुड की एकमात्र ऐसी अदाकारा हैं जो फिल्मफेयर के बेस्ट फीमेल एक्टर के अवॉर्ड के लिए 13 बार नामित हो चुकी हैं.

श्री देवी और माधुरी में था कोल्ड वार – जब श्रीदेवी और माधुरी दोनों अपने करियर के पीक पर थीं तो इन दोनों के बीच कोल्ड वार चलती रहती थी. कहा जाता है कि माधुरी की बढ़ती हुई लोकप्रियता से श्रीदेवी खुश नहीं थीं.

जब मिला धक-धक गर्ल का खिताब – 1991 में आयी फिल्म बेटा में माधुरी के ऊपर फिल्माया गया गाना धक धक करने लगा बहुत फेमस हुआ था. इसी गाने के बाद उन्हें बॉलीवुड की धक धक गर्ल कहा जाने लगा. जो आज उनकी पहचान भी बन गया है.

माधुरी दीक्षित ने अपने करियर में अनिल कपूर के साथ भी कई सफल फिल्में दी. इन दोनों की जोड़ी उस दौर में सुपरहिट थी. माधुरी ने अपने फिल्मी करियर में तेज़ाब, त्रिदेव, राम-लखन, थानेदार, खलनायक, साजन, इज्जतदार, किशन-कन्हैया, प्यार का देवता, 100 डेज़, बेटा, हम आपके हैं कौन, दिल, अंजाम, राजा, दिल तो पागल है, आरजू, पुकार, देवदास और हम तुम्हारे हैं सनम जैसी मुख्य सफल फिल्में दी हैं.