पटना: जेल से भागने के लिए कैदियों ने बम से उड़ाई वैन

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पटना में अपराधियों का दुस्‍साहस इस कदर बढ़ गया है कि आज बेऊर जेल के कैदियों ने कड़ी सुरक्षा में कोर्ट से जेल और जेल से कोर्ट ले जाने वाले कैदी वाहन के अंदर एक के बाद एक करीब पांच बम ब्‍लास्‍ट किया। यह घटना उस समय हुई जब कैदियों को कोर्ट में पेशी के बाद वापस जेल भेजा जा रहा था। उस दौरान कैदी वाहन में करीब दो दर्जन बंदी सवार थे।

घटना में एक कैदी और एक सिपाही के घायल होने की खबर है। ड्राइवर की सूझ-बूझ काम आई और उसने वाहन को भगाते हुए जेल के अंदर घुसाया और उसके बाद वारदात का पता चला है। कैदी वाहन से एक जिंदा बम, एक पिस्‍टल और पांच कारतूस भी बरामद हुआ है। इसके बाद पुलिस विभाग में खलबली मच गई है।

मंगलवार की दोपहर बेऊर थाना के दशरथा मोड़ पर हुए इस घटना ने एक बार फिर पुलिस-प्रशासन की सक्रियता पर सवाल खड़ा किया है। घटना के बाद पुलिस ने बेऊर जेल सहित कई जगहों पर छापेमारी शुरू कर दी है। पुलिस अपराधियों को पकड़ने और इस घटना के पीछे की वजह को तलाशने में जुट गई है।

सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आयी है कि जेल में बंद दो कुख्यात सिकंदर और सोनू नाम के दो कैदियों के भागने की योजना थी। मंगलवार को इन्‍हें पटना सिटी कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया गया था। इसी दौरान उनके साथियों ने उन्‍हें बम दिया, जिसे लेकर वे वाहन में बैठ गये। पूरी प्‍लानिंग कोर्ट के अंदर ही हुई थी।

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बस जब बेऊर थाने के दशरथा मोड़ के समीप पहुंची तो इन्‍होंने बम ब्‍लास्‍ट करना शुरू कर दिया। लेकिन चालक साहस का परिचय देते हुए बस को बेऊर जेल कैंपस तक ले आया। पटना के एसएसपी मनु महाराज ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि वाहन में बैठे दो कैदी दरवाजा खुलवाकर भागना चाह रहे थे, लेकिन पुलिस ने साहस का परिचय दिया और उनकी योजना को कामयाब नहीं होने दिया।

कैदी वैन मामले में 13 सिपाही और नौ सैप के जवान को निलंबित किया गया है। साथ ही छह होमगार्ड के जवानों पर भी कार्रवाई की गई है। बता दें कि पटना के बेऊर जेल में कई कुख्‍यात कैदी बंद हैं। इनमें माओवादी से लेकर चर्चित अपरा‍धी तक शामिल हैं। इन कैदियों को अक्‍सर पेशी के लिए कड़ी सुरक्षा और गोपनीयता के बीच कोर्ट ले जाया और लाया जाता है।

कैदी वाहन पर हुए बम से हमले के बाद कई सारे सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर कैदी के पास बम कैसे पहुंचा? क्‍या वाहन पर चढ़ाने से पहले कैदी की जांच नहीं हुई थी? कोर्ट परिसर में कोई व्‍यक्ति आखिर बम लेकर कैसे पहुंच गया? पटना पुलिस की यह छोटी-सी चूक बड़ी घटना में बदल सकती थी। हालांकि, ड्राइवर ने साहस का परिचय देते हुए गाड़ी नहीं रोकी और जेल परिसर तक ले आया।