दर्द को पल भर में हवा कर देती है कपिंग थैरिपी, सेहत में लग जाते हैं चांद

cupping tharipy is good for health

कपिंग थेरेपी वैकल्पिक चिकित्सा का एक प्राचीन रूप है, जिसके अंतर्गत त्वचा पर एक स्थानीय सक्शन बनाया जाता है। चिकित्सकों का मानना है कि इससे ब्लथड सर्कुलेशन बढ़ता है और उपचार में मदद मिलती है। कई मसाज थैरेपिस्ट और अन्य स्वास्थ्य सेवा देने वाले पेशेवर कपिंग उपचार की पद्धति को अपना रहे हैं। इसका अर्थ समझ में आता है क्योंकि कपिंग की प्रक्रिया मसाज के विपरीत है। इस कपिंग थेरेपी का आविष्कार हज़ारों वर्ष पहले हुआ था।

कपिंग थेरेपी में मांसपेशियों पर दबाव डालने की जगह सक्शन त्वचा, ऊतकों और मांसपेशियों को ऊपर की और खींचने के लिए दबाव का उपयोग करते हैं। कपिंग थेरेपी दो तरह की होती है एक ड्राई और दूसरी वेट. इसमें ज़्यादा डिमांड वेट कपिंग थेरेपी की होती है. ब्रिटिश कपिंग सोसाइटी (BCS) में कपिंग की दोनों ही विधियां सिखाई जाती हैं। सामान्यतौर पर वैट कपिंग उपचारात्मक व चिकित्सीय दृष्टिकोण पर आधारित होती है और ड्राई कपिंग चिकित्सीय तथा आराम पहुंचाने वाली पद्धति पर काम करती है। दरसल इसको लेकर पसंद चिकित्सकों और संस्कृतियों के साथ अलग भी होती है।

कपिंग से तनी हुई मांसपेशियों से दबाव दूर हो जाता है। जिसका आपके स्वास्थ्य पर बहुत अच्छा प्रभाव पड़ता है.इस थेरेपी के उपयोग से भारी सर्दी, एलर्जी के लक्षणों और कफ़ से तीव्रता से आराम पाया जा सकता है। यह रक्त प्रवाह बढ़ाकर तथा लसिका तरल पदार्थ को शरीर के विभिन्न भागों में पहुंचाकर शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है, और यही कारण है कि कपिंग थेरेपी अक्सर इतनी प्रभावी होती है।

Read Also: कम जीते हैं अकेले जिंदगी गुजारने वाले लोग

कपिंग त्वचा की कई समस्याओं जैसे एक्जिमा और मुंहासें से आराम दिलाता है, हर्पीस के प्रभाव को कम करता है, त्वचा की सूजन को कम करता है और सेल्युलाईट को कम करता है। सेल्युलाईट के उपचार में त्वचा पर तेल लगाने के बाद कपिंग थेरेपी का उपयोग किया जाता है। इसके बाद कप को खींचकर निकाला जाता है और उस क्षेत्र तक गर्मी पहुंचाने के लिए इसे घुमाया जाता है। इसके साथ ही उपयोग में लाये गए तेल के स्किन हीलिंग पदार्थों का उपयोग किया जाता है।