रेप पीड़िता ने खोला दाती महाराज का कच्चा चिट्ठा

dati-maharaj-rape-victim

दुष्कर्म पीड़िता ने शनिधाम के संस्थापक दाती महाराज का मेडिकल टेस्ट कराने की मांग की है। गुरुवार को मीडिया को दिए बयान में पीड़िता ने पुलिस की जांच पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि अभी तक आरोपी दाती महाराज बाहर घूम रहा है। जबकि पुलिस पूछताछ की आड़ में उसका समर्थन कर रही है। पीड़िता ने ये भी आरोप लगाए हैं कि पुलिस आश्रम से भाग रहीं लड़कियों के बारे में अब तक पता क्यों नहीं लगा पा रही है? उसने कहा कि पुलिस को भेदभाव नहीं रखना चाहिए।

ईमानदारी से अपना काम करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। दाती महाराज जैसे साधु संत समाज के लिए एक जहर हैं। इतना ही नहीं, दुष्कर्म पीड़िता ने ये भी कहा है कि दाती महाराज रात्रि सेवा की आड़ में लड़कियों को अपने कमरे में क्यों अकेले बुलाता है? अपने भक्तों के समक्ष बेटी बचाओ का नारा देने वाला दाती महाराज एक ढ़ोंगी है।

दाती ने मुझे महात्मा बनाया और उसने दाती को भगवान का दर्जा दिया। लेकिन दाती ने उसे शारीरिक संबंध बनाने के बाद उसे छोड़ दिया। इस पर दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के अधिकारियों का कहना है कि पुलिस फिर से पीड़िता के बयान दर्ज करने के लिए बुलाएगी। पुलिस अपने स्तर पर हर पहलु पर जांच कर रही है। पीड़िता को पुलिस पर विश्वास करना होगा।

छतरपुर स्थित शनिधाम के संस्थापक दाती महाराज के तीनों सौतेले भाइयों से दूसरे दिन करीब सात घंटे तक पुलिस ने पूछताछ हुई। तीनों को आमने-सामने बैठाकर सवाल पूछे गए। हालांकि बताया जा रहा है कि तीनों के बयानों में कोई विरोधाभास सामने नहीं आया है। इससे पहले तीनों से बुधवार को करीब 9 घंटे पूछताछ हुई थी। शाखा के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अनिल, अशोक और अर्जुन को आमने सामने बैठाकर दूसरे दिन पूछताछ की गई। पुलिस यह देखना चाहती थी कि इनके बयानों में कोई विरोधाभास तो नहीं है, जो कि नहीं मिला। अपराध शाखा ने दाती महाराज को शुक्रवार को फिर पूछताछ के लिए बुलाया है। पुलिस ने दाती महाराज को शुक्रवार को पुन: पूछताछ में शामिल होने के लिए बुलाया है। इससे पूर्व भी उससे एक बार पूछताछ हो चुकी है।

दिल्ली महिला आयोग ने रेप के आरोप में फंसे दाती महाराज मामले में अपराध शाखा के डिप्टी कमिश्नर को समन जारी कर 25 जून दोपहर दो बजे से पहले पेश होने को कहा है। आयोग ने गंभीर आरोपों के बावजूद आरोपी दाती महाराज को गिरफ्तार नहीं किए जाने को लेकर अपराध शाखा को 14 जून को नोटिस जारी किया था। इस मामले में शाखा को 48 घंटे में जवाब देने को कहा गया था। आयोग ने पाया कि पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई।