दिल के मरीजों के लिए घातक है अकेलापन, आज जान लें क्यों

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इंसानों के लिए लोगों से मिलना जुलना और उनसे अपने सुख-दुःख बांटना बेहद ही जरुरी है क्योंकि इससे हम अपनी भावनाओं पर कंट्रोल रख पाते हैं साथ ही इससे हमारी शारीरिक और मानसिक सेहत भी ठीक रहती है. आपको बता दें कि आम इंसानों से ज्यादा दिल के मरीजों को इस बात का ख्याल रखने की जरूरत होती है. दरअसल हाल में हुए एक शोध में ये बात सामने आई है कि दिल की बीमारी में अकेलेपन का एहसास घातक और जानलेवा साबित हो सकता है।

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डेनमार्क के कॉपेनहेगन यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में एक पीएचडी छात्र द्वारा किए गए शोध में पता चला है कि अकेलेपन के कारण लोगों में तरह-तरह की परेशानियां और बीमारियां बढ़ रही हैं। उन्होंने शोध में पाया कि अकेलेपन और सामाजिक अलगाव के कारण दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। इस अध्ययन के लिए डेनमार्क के मरीजों को चुना गया और उनसे कुछ सवालों का जवाब पूछा गया।

अकेला व्यक्ति सोचता ज्यादा है। बेवजह सोचने और चिंता करने से अवसाद यानि डिप्रेशन की स्थिति पैदा हो जाती है और अवसाद दिल के लिए घातक साबित होता है। आजकल शहरों के साथ-साथ कुछ कस्बों तक में आधुनिक जीवनशैली और बदलते मूल्यों के कारण ज्यादातर लोग अकेले रहने को मजबूर हैं। लोग सोशल मीडिया पर जितने ज्यादा एक्टिव हैं, असल जिंदगी में उतने ही अकेले हैं। वर्चुअल फ्रैंड्स से आपका दिल बहल सकता है मगर अकेलेपन का असर दिमाग पर बुरा पड़ता है।

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नियमित रूप योग, व्यायाम या मेडीटेशन करते रहने से आप तनाव से बचे रहेंगे। स्ट्रेस से बचना है तो आपको पर्याप्त नींद लेनी होगी। अपर्याप्त नींद तनाव के साथ साथ ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर बढाती है एवं कई रोगों को भी जन्म देती है। पानी पीने से तनाव बहुत कम होता है अतः जब भी आप तनाव में हों, पानी पीयें। भरपूर पानी पीते रहने से तनाव आपसे दूर हीं रहता है।