कश्मीर में लौटा बॉलीवुड


नई दिल्ली (प्रवीण कुमार) : एक समय था जब कश्मीर की खूबसूरत वादियों को फिल्म निर्माता अपनी फिल्मों में दिखाने के लिए कश्मीर का रुख किया करते थे. फिल्म आरजू, कश्मीर की कली, जानवर, जब जब फूल खिले, जंगली, हकीकत, हिमालय की गोद में, मेरे सनम, दो बदन, आरजू, नूरी, खून पसीना, आप की कसम, लव इन कश्मीर, बेताब, जोशीले, हिना, रोजा, सिलसिला, शौर्या, कभी-कभी, लक्ष्य, दिल से, सिकंदर, बंटी और बबली, अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों, टैंगो चार्ली आदि फिल्मों में कश्मीर के बेहद खूबसूरत नजारे देखने को मिले. लेकिन दहशतगर्दी की मार झेल रहे कश्मीर से बॉलीवुड लगभग दूर चला गया. लेकिन अब समय बदल रहा है. कश्मीर से दूर चला गया बॉलीवुड फिर उसके नजदीक आ रहा है. यही वजह है कि पिछले दो दशक के लंबे अरसे के बाद फिर से कई फिल्मकार अपनी फिल्मों की शूटिंग धरती का स्वर्ग कही जाने वाली इस घाटी में कर रहे हैं.

यह सभी जानते है कि कश्मीर जैसे राज्य में रोजगारी के साधन बेहद कम हैं. ऐसे में अगर स्थानीय प्रशासन जरूरी सुविधाएं वहां उपलब्ध कराएगा, तो बॉलीवुड कश्मीर की ओर ज्यादा से ज्यादा रूख कर सकता है, जिससे वहां रोजगार और समृद्धि के साधन काफी हद तक सुधर जाएंगे.

धरती का स्वर्ग कहा जाने वाला कश्मीर हमेशा से बॉलीवुड वालों का फेवरिट प्लेस रहा है. साठ के दशक से अब तक अनगिनत फिल्में कश्मीर की खूबसूरत वादियों में परवान चढ़ी हैं. हालांकि, बीच में कश्मीर में तनाव भरे माहौल और सुरक्षा कारणों के चलते फिल्म निर्माताओं ने कश्मीर का रूख करना ठीक नहीं समझा, जिससे कश्मीर धीरे-धीरे बॉलीवुड से दूर होता चला गया. इसके अलावा, फिल्म निर्माताओं को अगर कश्मीर जैसी खूबसूरत वादियों को अपनी फिल्मों में दिखाना होता था, तो वे दूसरे राज्यों एवं देशों में जाकर कश्मीर जैसा लोकेशन तैयार करके उसे अपनी फिल्मों में दिखाते थे. लेकिन अब पिछले कुछ समय से फिल्म इंडस्ट्री वालों ने फिर कश्मीर की ओर रुख किया है. यही वजह है कि इस साल रिलीज हुई कई फिल्मों में कश्मीर की वादियों को निर्माताओं ने बखूबी दिखाने का फैसला किया. इनमें फिल्म अय्यारी और राजी मुख्य हैं. जिसकी लगभग पूरी शूटिंग कश्मीर की खूबसूरत वादियों में की गई. इसके बाद आने वाले दिनों में फिल्म रेस-3, मनमर्जियां, रोमियो अकबर वॉल्टर (RAW), गुल-मकई, हामिद जैसी करीब आधा दर्जन फिल्मों में कश्मीर के हसीन नजारे देखने को मिलेंगे.

इससे पहले, 2015 में आई कबीर खान और सलमान खान की ब्लॉकबस्टर फिल्म बजरंगी भाईजान में कश्मीर के कई खूबसूरत नजारों को कैमरे में कैद किया था. फिल्म में लोकेशन्स इतने खूबसूरत दिखाए गए थे कि लोग इन हसीन वादियों के दिवाने हो गए. कश्मीर की हसीन वादियां बॉलीवुड स्टार्स को भी बेहद पसंद आती हैं. बजरंगी भाईजान की शूटिंग के दौरान सलमान ने कई बार वहां के खूबसूरत लोकेशन्स और लोगों की गर्मजोशी की तारीफ की थी. हाल के दिनों में, बजरंगी भाईजान के बाद ही फिल्म निर्माताओं ने कश्मीर की ओर रुख करना शुरू किया. जानेमाने फिल्म इतिहासकार गौतम कौल कहते हैं, फिल्मकार अभी भी कश्मीर में अपनी फिल्मों की शूटिंग करना चाहते हैं, लेकिन उनके दिमाग में सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा का होता है. पिछले दो दशकों के दौरान कश्मीर में मिशन कश्मीर, यहां, लक्ष्य, सिकंदर, तहान, लम्हा, रॉकस्टार, जब तक है जान, शौर्य, एलओसी, ये जवानी है दिवानी, हाइवे और है़दर जैसी कुछ फिल्मों की शूटिंग हुई है. जिसके बाद फिल्म निर्माताओं की सोच अब कश्मीर को लेकर बदल रही हैं. अभी हाल में निर्देशक जगमोहन मूंदरा भी अपनी आगामी फिल्म चेस के एक गाने की शूटिंग के लिए कश्मीर गए थे.

कश्मीर में फिर लौटा लाइट्‌स-कैमरा-एक्शन
पिछले कुछ समय में कश्मीर घाटी में लाइट्‌स, कैमरा, एक्शन की गूंज फिर से जोर-शोर से सुनाई दे रही है. पिछले महीने रिलीज हुई आलिया भट्‌ट की मुख्य भूमिका वाली फिल्म राजी में कश्मीर के खूबसूरत लोकेशन्स देखने को मिले. मेघना गुलजार निर्देशित राजी कश्मीर के बडगाम जिले स्थित दूधपत्री (जिसे दूध की घाटी भी कहा जाता है) में शूट होने वाली पहली फिल्म बनी. वहीं, सलमान खान की फिल्म रेस-3 में भी सोनमर्ग के खूबसूरत नजारे दिखाए गए हैं. अनुराग कश्यप की अभिषेक बच्चन, तापसी पन्नू, विकी कौशल स्टारर फिल्म मनमर्जियां की शूटिंग भी सोनमर्ग के संवेदनशील माने जाने वाले स्थान जिवास ग्लेश्यिर के आसपास की गई है. वहीं, 1971 के दौरान भारत-पाक युद्ध पर आधारित जॉन अब्राहम अभिनीत जासूसी थ्रिलर फिल्म रोमियो अकबर वॉल्टर (ठअथ) का बड़ा हिस्सा भी जम्मू-कश्मीर में ही फिल्माया जाएगा. इसके लिए फिल्म की टीम गुलमर्ग, जम्मू और कश्मीर में रेकी कर रही है. निर्माता-निर्देशक महेश भट्‌ट ने अपने अगले प्रॉजेक्ट जलेबी को कश्मीर में शूट करने की सोची है. वहीं, मिशन कश्मीर के बाद फिल्ममेकर विधु विनोद चोपड़ा भी एक बार फिर श्रीनगर लौट रहे हैं. खबर है कि विधु विनोद चोपड़ा लव और लेटर्स नामक फिल्म बनाने जा रहे हैं, जो 1990 में कश्मीरी पंडितों के पलायन पर आधारित होगी. पाकिस्तानी एक्टिविस्ट मलाला यूसुफजई की जिंदगी पर आधारित फिल्म गुल-मकई की शूटिंग भी कश्मीर में हुई है.

वाकई जन्नत है कश्मीर
घाटी में तनाव के माहौल और फिर उड़ी हमले के बाद फिल्ममेकर्स सुरक्षा कारणों के चलते कश्मीर में शूटिंग करने से कतराने लगे थे. लेकिन यह भी सच है कि कश्मीर जैसे हसीन नजारे उन्हें और कहीं नहीं मिल सकते. उस पर रियलिस्टिक सिनेमा के दौर में निर्माता अपनी फिल्मों के साथ समझौता भी नहीं करना चाहते. पिछले दिनों फिल्म राजी की शूटिंग कश्मीर में करने वाली निर्देशक मेघना गुलजार बताती हैं कि हमें पहले मसूरी में फिल्म की शूटिंग करने का कहा गया था, लेकिन रेकी के दौरान वहां मुझे मनमाफिक लोकशन ही नहीं मिला. तब हमने कश्मीर में शूटिंग करने का फैसला किया. कश्मीर में शूटिंग का अनुभव बहुत बढ़िया रहा. मौसम बहुत प्यारा था. लोग बहुत प्यारे थे, तो शूट भी बहुत ही प्यार से हुआ, जो फिल्म में नजर आता है. कश्मीर जगह ही इतनी प्यारी है कि हमें ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ती.

वहीं दूसरी ओर, हाइवे के बाद राजी की शूटिंग के लिए कश्मीर जाने वालीं एक्ट्रेस आलिया भट्‌ट भी वहां काफी एंज्वॉय करती दिखीं. आलिया कश्मीर में शूटिंग का अनुभव बांटते हुए कहती है कि मेरे लिए बहुत अच्छा अनुभव रहा. हाइवे के बाद मैं दोबारा कश्मीर जाकर बहुत खुश थी. मुझे यह जानकर बहुत बुरा लगा कि लोग अब कश्मीर नहीं जाते. लोगों को लगता है कि वे सुरक्षित नहीं हैं. मुझे भी कई लोगों ने हिदायतें दी थीं. लेकिन वहां जाकर पता चला कि ऐसा कुछ नहीं है. कश्मीर पूरी तरह से सुरक्षित है. कश्मीर इतनी खूबसूरत जगह है कि शूटिंग करते वक्त लगता ही नहीं कि काम कर रहे हैं, क्योंकि वहां का मौसम और खाना बहुत अच्छा है. सही कहूं तो कश्मीर किसी जन्नत से कम नहीं है.