सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो कहीं बलिदान को वोट में बदलने की प्लानिंग तो नहीं

surgical strike video release

भारतीय सेना की तरफ से 21 महीने पहले पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर में घुसकर आतंकी शिविरों पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक का एक वीडियो बुधवार को सामने आया, इसके बाद एक बार फिर देश की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सेना के बलिदान को वोट में बदलने की कोशिश सरकार न करे। वहीं भाजपा ने कहा है कि इस वीडियो पर देश के हर नागरिक को गर्व करना चाहिए।

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भाजपा पर सेना के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया। इसके अलावा पूछा है कि इस वीडियो को जारी करने की जरुरत क्यों पड़ी। अब भाजपा सरकार ने पलटवार किया गया है। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस लगातार सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठा रही है। इससे पाकिस्तानी आतंकवादियों को खुशी मिल रही होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सर्जिकल स्ट्राइक को खून की दलाली कहा था। उनकी माता सोनिया गांधी ने इससे पहले मौत के सौदागर जैसे शब्दों का प्रयोग कर चुकी हैं।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि आज भी लोग सवाल उठा रहे हैं कि ये सीडी कहां से आई ये अभी क्यों जारी की गई। लेकिन कांग्रेस के बयानों पर अगर कोई सबसे खुश है तो वह पाकिस्तान में बैठे आतंकवादियों को होगी। उन्होंने कहा कि क्या देश में सेना के मनोबल को तोड़ना ही कांग्रेस का काम है।

इससे पहले सुरजेवाला ने कहा, ‘सत्ताधारी पार्टी को यह याद रखना चाहिए कि वह सेना के जवानों के बलिदान का इस्तेमाल वोट पाने के लिए नहीं कर सकती है। जवान ही होते हैं जो देश के लिए अपनी जिंदगी गंवा देते हैं और यह मोदी जी हैं जिनका इसके लिए महिमामंडन किया जा रहा है। भाजपा सर्जिकल स्ट्राइक की वीरगाथा को वोट पाने के लिए इस्तेमाल कर रही है। राष्ट्र को इस बात को समझने की जरुरत है कि जब भी मोदी सरकार विफल होती है, जब भी अमित शाह की भाजपा हारने लगती है वह अपने राजनीतिक फायदे के लिए सेना की बहादुरी का दुरुपयोग करने लगते हैं। ‘

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, ‘मोदी सरकार जय जवान जय किसान के नारे का शोषण कर रही है और सर्जिकल स्ट्राइक पर वोट हासिल करने की कोशिश कर रही है। देश जानना चाहता है कि क्या अटल बिहारी वाजपेयी या मनमोहन सिंह के कार्यकाल में सेना के ऑपरेशन इस तरह से नहीं हुए थे? भाजपा ने भारतीय सेना के अधिकारियों को बिना बताए उनका राशन एक साल से बंद कर रखा है, मसाला भत्ता कम कर दिया गया है और रेजीमेंट भत्ता आधा कर दिया है।’

सुरजेवाला ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक के वीडियो वोट के लिए जारी किए गए हैं। लेकिन जब सुरजेवाल से सवाल किया गया कि सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाए गए थे और कई पार्टी के नेताओं ने सबूत मांगे थे तो कांग्रेस प्रवक्ता ने गोल-मटोल जवाब दिया। सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा के ही 2 नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्रियों (यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी) ने सवाल उठाए थे। यह भाजपा का अंदरूनी मामला है। बता दें कि कांग्रेस नेता संजय निरुपम और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कुछ नेताओं ने सर्जिकल स्ट्राइक के दावे पर सवाल उठाए थे।