अब रीमिक्स गानों के सहारे बॉलीवुड

नए गीतों में नहीं रहा पुराने गीतों जैसा अंदाज़

नई दिल्ली (प्रवीण कुमार): बीते जमाने में फिल्मों के गीत सदाबहार हुआ करते थे. 80-90 के दशक में किशोर कुमार, लता मंगेश्कर, मो. ऱफी, मुकेश, मन्ना डे, जगजीत सिंह, अल्का यागिनी, आशा भोसले, कविता कृष्णमूर्ति, अनुराधा पौडवाल, कुमार शानू, उदित नारायण आदि ऐसे सिंगर हैं, जिन्होंने अपने सुरों से लाखों-करोड़ों लोगों के दिल में जगह बनाई और आज तक उनके दिलों पर राज कर रहे हैं. लोग इनके गीत आज भी सुनना पसंद करते हैं.

पुराने गीतों की खास बात यह होती थी कि जब गीत लिखे जाते थे, तो उन गीतों के बोल पर अच्छी तरह से ध्यान दिया जाता था. उन गीतों का मतलब निकलता था, जो सीधे दिल में उतर जाते थे. जैसे, उड़े जब जब जुल्फें तेरी, मेरे महबूब क़यामत होगी, जो वादा किया वो निभाना पड़ेगा, मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू, जाने क्यों लोग मोहब्बत किया करते हैं, आजा तुझको पुकारे मेरे गीत रे, लिखे जो खत तुझे वो तेरी याद में आदि ऐसे गीत हैं, जिन्हें आज भी हर वर्ग के लोग सुनना पसंद करते हैं. इन गीतों को सुनते समय आप उसे अंदर तक महसूस कर सकते हैं और ख्यालों में डूब सकते हैं. इसीलिए कहा जाता है कि उस दौर के गीत सदाबहार हुआ करते थे, जिनका मुकाबला आज के दौर के गाने कभी नहीं कर पाएंगे.

आज के दौर में जो गाने बनते हैं, उनमें आपको सिर्फ शोर शराबे के अलावा कुछ खास सुनने को नहीं मिलेगा. आज के समय में जो गाने बनते हैं, वो ठीक से एक भाषा में भी नहीं होते. अब अधिकतर गानों में हिंदी, पंजाबी और अंग्रेजी का तड़का मारकर दर्शकों के सामने परोस दिया जाता है और ये गाने हिट भी हो जाते हैं. लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इन गानों ने आपके दिल में अच्छी खासी जगह बना ली हो. शायद यही वजह है कि आज के समय में बॉलीवुड में अच्छे गाने बनने ही बंद हो गए हैं. इसकी भी एक खास वजह यह हो सकती है कि आज फिल्मों में गानों के लिए जो रिलीक्स लिखे जाते हैं, उनमें गीतों के बोल पर कुछ खास ध्यान नहीं दिया जाता. आज दौर में अब गानों की थीम और त़डकेदार म्यूज़िक पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है. जिनमें अत्यधिक शोर शराबा रहता है और गाने सुनने में बेडौल लगते हैं. इसलिए अक्सर यह देखा जाता है कि आप उन गानों को ज्यादा समय तक नहीं झेल पाते और फिर से पुराने गानों का रुख करने लगते हैं.

70 और 80 के दशक के बाद 90 के दशक में अल्का यागिनी, कविता कृष्णमूर्ति, कुमार शानू, उदित नारायण, सोनू निगम आदि सिंगरों ने बॉलीवुड की कमान संभाली और कई फिल्मों में एक से बढ़कर एक कामयाब गाने बॉलीवुड को दिए. इस बीच कई ऐसी फिल्में आईं, जिनके गाने आज भी आप सुन सकते हैं. जिनमें फूल और कांटे, दिल, राजा हिंदुस्तानी, मोहरा, दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, हम आपके हैं कौन, हम दिल दे चुके सनम, दिलवाले, आशिकी, हिना, बॉर्डर, कुछ कुछ होता है आदि ऐसी फिल्में हैं, जिनके गाने लोग आज भी बार बार सुनते हैं.

हम अगर सीधे तौर पर कहें कि बॉलीवुड में अब फ्रेश गानों का बनना बंद हो चुका है, तो कहना गलत नहीं होगा. आलम तो यह है कि अब अधिकतर फिल्मों में बॉलीवुड की पुरानी फिल्मों से हिट गानों को रीमेक किया जा रहा है और ये गानें काफी धूम भी मचा रहे हैं. माना कि इन रीमेक गानों की तुलना ऑरिजनल गानों से करना ठीक नहीं है, लेकिन यह भी सच्चाई है कि इन हिट रीमेक गानों को लोग सुन रहे हैं और बड़े पैमाने पर ये गाने हिट भी हो रहे हैं. इसके अलावा बॉलीवुड में कई पुराने हिट एलबम्स और पंजाबी गानों को भी रीमिक्स किया जा रहा है. यानि पका पकाया गाना फिल्म के निर्माता-निर्देशकों की झोली में पहले से ही आ रहा है, बस गानों को थोड़ा तड़का मारकर दर्शकों के सामने परोस दो और गाना देखते ही देखते हिट हो जाता है.

आज हम आपको कुछ पुराने हिट गानों के बारे में बताएंगे, जिन्हें रीमेक कर और उनमें कुछ फेर बदल करके फिल्मों में डाला गया और इन गानों ने काफी धूम भी मचाई. यहां तक कि ये गाने ब्लॉकबस्टर गानों की लिस्ट में टॉप पर भी रह चुके हैं.

काबिल- वैसे तो ऋृतिक रोशन की फिल्म काबिल सुपरहिट रही थी, लेकिन इस फिल्म में उनके पिता राकेश रोशन ने दो सुपरहिट गानों को रीमेक करके दर्शकों के सामने रखा. पहला गाना सारा जमाना, हसीनों का दीवाना जो 80 के दशक में फिल्म याराना से लिया गया था और दूसरा दिल क्या करे जब किसी से प्यार हो जाए जो 70 के दशक फिल्म जूली से था. काबिल में सारा जमाना, हसीनों का दीवाना काफी हिट रहा था, जो उर्वशी रतौला पर फिल्माया गया.

मशीन- साल 1994 में अक्षय कुमार, सुनील शेट्‌टी और रवीना टंडन की फिल्म मोहरा का सुपरहिट गाना तू चीज बड़ी है मस्त मस्त तो आपको याद ही होगा. इस गाने ने उस समय काफी धूम मचाया था. वैसे इस गाने के शुरूआती बोल तू चीज बड़ी है मस्त मस्त को लेकर उस समय थोड़ा बवाल हुआ था, लेकिन बाद में सब ठीक हो गया. इस गाने को अब्बास मस्तान ने फिल्म मशीन में रीमेक करके फिर से डाला. फिल्म तो नहीं चली, लेकिन यह गाना फिल्म में हिट रहा.

नूर और स्टूडेंस ऑफ द इयर- गुलाबी आंखे जो तेरी देखी…. यह गाना 70 के दशक में फिल्म द ट्रेन में राजेश खन्ना और नंदा पर फिल्माया गया था. जिसे मो. ऱफी ने गया था. लोग आज भी इस गाने को सुनना पंसद करते हैं. इस गाने को सोनाक्षी सिन्हा की फिल्म नूर और करण जौहर की स्टूडेंस ऑफ द इयर में एक बार फिर से फिल्माया गया. फिल्म नूर बॉक्स ऑफिस पर सुपरफ्लॉप रही थी और फिल्म में एक मात्र इसी गाने ने सुर्खियां बटोरी थी. दूसरी ओर स्टूडेंस ऑफ द इयर हिट रही और इसमें दो से तीन गानों को और रीमेक बनाया गया था. इनमें ये चांद सा रोशन चेहरा (कश्मीर की कली), डिस्को दीवाने (पाकिस्तानी सिंगर नाजिया हसन 1981) आदि शामिल हैं.

आई मी और मैं- जॉन इब्राहिम की यह फिल्म कब आई और कब गई शायद ही किसी को पता हो, लेकिन इस फिल्म में श्रीदेवी और सनी देओल की फिल्म चालबाज़ से एक पुराना हिट सांग डाला गया था. वह सांग था किसी के हाथ ना आएगी ये लड़की. फिल्म तो पिट गई लेकिन गाना हिट हो गया.

रईस- 80 के दशक की सुपरहिट फिल्म कुर्बानी का सुपरहिट गाना लैला मैं लैला को शाहरुख की फिल्म रईस में जब सनी लियॉनी के उपर फिल्माया गया तो चारो तरफ इस गाने ने धूम मचा दी. इसकी दो वजह थी, पहली यह कि यह सॉन्ग पहले से सुपरहिट था और दूसरी यह कि इस गाने को सनी लियॉनी पर फिल्माया गया जो हद से ज्यादा बोल्ड, हॉट और सेक्सी है. सनी ने अपनी बोल्ड इमेज और डांस से इस गाने में चार चांद लगा दिए. दुनियाभर में सनी के करोड़ों की संख्या में फैन्स मौजूद हैं. शायद इसी वजह से इस गाने को करोड़ों (लगभग 358 मिलियन) लोगों ने यू ट्‌यूब पर देखा.

बद्रीनाथ की दुल्हनिया- 90 के दशक में सजंय दत्त और माधुरी दीक्षित की फिल्म थानेदार में एक गाना था- तम्मा तम्मा लोगो. उस समय इसने तहलका मचा दिया था. उस दौर में युवाओं ने इस गाने को खूब पसंद किया. इसके शानदार म्युजिक और रिलीक्स ने इस गाने में चार चांद लगा दिए. लंबे समय के बाद इस गाने को आलिया-वरुण की फिल्म बद्रीनाथ की दुल्हनिया में लाया गया और एक बार फिर से इस गाने ने दर्शकों को तम्मा तम्मा पर नाचने पर मजबूर कर दिया. इसके अलावा फिल्म में एक और सुपरहिट गाने को रीमिक्स किया गया था. वह था राजकपूर की फिल्म तीसरी कसम का गीत चलत मुसाफिर मोह लियो रे…जिसे फिल्म में बद्रीनाथ की दुल्हनिया के नाम से रीमिक्स करके डाला गया था. ये दोनों उस साल के सबसे बड़े हिट गाने साबित हुए.

बार बार देखो- कटरीना कैफ और सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म में एक पंजाबी गाने काला चश्मा को काफी सालो बाद नए तरीके से पेश किया गया. यह गाना ब्लॉकबस्टर रहा और आज भी इस गाने को अधिकतर आप किसी डीजे पार्टी या शादी समारोह में सुनते होंगे. इस गाने पर कैटरीना और सिद्धार्थ की कैमिस्ट्री लोगों को काफी पसंद आई.

अजहर – क्रिकेटर मो. अजहरूद्दीन पर बनी फिल्म अजहर में गीत गजर ने किया है इशारा को भी रीमिक्स किया गया. यह गाना फिल्म त्रीदेव से लिया गया था, जो संगीता बिजलानी पर फिल्माया गया था. दर्शकों ने इसके रीमिक्स वर्जन को भी खूब पंसद किया.

तनु वेड्‌स मनु- फिल्म में एक गाना था कजरा मोहब्बत वाला जिसे फिल्म में एक शादी समारोह के मौके पर कंगना रनौत पर फिल्माया गया था. यह ऑरिजनल सॉन्ग वर्ष 1968 में आई फिल्म किस्मत का है. जिसमें बिश्वजीत और बबीता ने मुख्य भूमिका निभाई थी.

बादशाहो- नुसरत फतेह अली खान का एक बेहद पुराना और फेमस सूफी गज़ल मेरे रश्के क़मर को फिल्म बादशाहो में अजय दवेगन और इलियाना डीकू्रज पर बहुत ही खूबसूरती के साथ फिल्माया गया. यह गाना उस साल का सबसे बड़ा ब्लॉकबस्टर साबित हुआ. हालांकि इससे पहले मेरे रश्के क़मर को कई लोगों ने अपनी अवाज से नवाजा, लेकिन इसे असली पहचान काफी समय बाद फिल्म बादशाहो से मिली.