बिल्कुल भी सामान्य नहीं है ब्लड प्रेशर 130/80, जानें क्यों

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डॉक्टरों ने ब्लड प्रेशर के वैल्यू का रिवीजन करने के पक्ष में राय दी है. भारतीय डॉक्टर नए अमेरिकी औैर यूरोपियन गाइडलन्स के चलते ऐसा करने के पक्ष में हैं. डॉक्टरों का कहना है कि 130/80 या 140/90 से कम पर ब्लड प्रेशर के वैल्यू का रिवीजन होना चाहिए.

जर्नल ऑफ द एसोसिएशन ऑफ फीजिसियन्स ऑफ इंडिया में साल 2013 में प्रकाशित भारतीय हाइपरटेंंशन गाइडलाइन्स के मुताबिक, 130-139/80-89 ‘हाई नॉर्मल’, 120-129/ 80 से नीचे ‘नॉर्मल’, और 80 से नीचे ‘ऑप्टिमल’ माना जाता है.

हायपरटेंशन, एक ऐसा रोग है जो कई रोगों और मौत का कारण बनता है. नई खोज और सबूतों की मौजूदगी में हायपरटेंशन को लेकर हमारी समझ को बदलते रहना चाहिए. अगर हायपरटेंशन का इलाज ना हो तो यह दिल के बड़े रोग का कारक बन सकता है. इससे झटके और जान को खतरा होने वाला किडनी डैमेज हो सकता है.

विभिन्न अध्ययनों में सुझाव दिया गया है कि हायपरटेंशन वाले लगभग आधे भारतीय मरीजों का समय पर जांच करानी चाहिए. यहां तक कि जब एक रोगी के ब्लड प्रेशर की जांच की जाती है, तब भी यह देखा गया है कि उन्हें विभिन्न कारणों से पर्याप्त उपचार नहीं मिलता.

अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी और अमेरिकन हर्ट एसोसिएशन ने नंवबर 2017 में 130/80 को चिकित्सा के लिए आधार बनाया है, वहीं यूरोपियन सोसयटी ऑफ कार्डियोलॉजी और यूरोपियन सोसायटी ऑफ हायपरटेंशन ने साल 2018 में उपरोक्त को अपना लिया है. इन दिशानिर्देशों को भारत के संदर्भ में अधिक गूंज मिलती है, जहां पर्याप्त इलाज ना मिलने के चलते हायपरटेंशन का सही इलाज नहीं हो पाता.

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