नाबालिग के साथ किया गैंगरेप, दास्तान सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएंगे

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हैवानियत की सभी हदें पार करने वाली घटना फिर सामने आई है. एक अनाथ बच्ची के साथ डेढ़ महीने तक लोगों ने दुष्कर्म किया और फिर धनबाद में एक रात में छह युवकों ने उससे सामूहिक दुष्कर्म किया. मंगलवार शाम को महिला के साथ पकड़ी गई एक नाबालिग की दास्तान सुनकर पुलिसवालों के भी रोंगटे खड़े हो गए. काम दिलाने का झांसा देकर नाबालिग को वेश्यावृत्ति के दलदल में धकेलने वाली आशा देवी को रेल पुलिस ने मंगलवार को धनबाद स्टेशन के बाहर ऑटो स्टैंड से गिरफ्तार किया.

बच्ची ने बताया कि वह बरमसिया में चाचा-चाची के साथ रहती थी. वह काम की तालाश में डेढ़ माह पहले घर से निकल गई थी. धनबाद स्टेशन पर आशा से उसकी मुलाकात हुई. काम दिलाने की बात कह कर आशा उसे रांची ले गई. वहां एक कमरे में अशोक लोहार को बुलाया. अशोक ने सबसे पहले कमरे में उसके साथ जोर-जबर्दस्ती की थी. आशा फोन कर युवकों को बुलाती थी, उनसे वह पैसे लेती थी.

नाबालिग ने बताया कि उसे जीटी रोड के होटलों में भी ले जाया जाता था. विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी जाती थी. आशा बोलती थी कि बदनाम कर दूंगी. दो दिन पहले आशा उसे रांची से धनबाद लाई थी, यहां उसके साथ रातभर छह लड़कों ने बारी-बारी से दुष्कर्म किया. जब उसे वापस रांची ले जाया जा रहा था, तो उसने मना किया, जिसके बाद स्टैंड पर ही आशा उसके साथ मारपीट करने लगी. इसी बीच वहां पुलिस आ गई.

चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने नाबालिग और आशा देवी से पूछताछ की. तीन बच्चों की मां आशा ने कमेटी के सदस्यों को बताया कि 2017 में होली के समय उसका पति से विवाद हो गया,  जिसके बाद उसकी एक महिला से उसकी मुलाकात हुई. उसके साथ वह सेक्स रैकेट चलाने लगी. अशोक की मदद से रांची में तथा राज और सरुद्दीन की मदद से वह धनबाद में धंधा कर रही थी. पुलिस ने आशा के मोबाइल से मिले नंबर के आधार पर मंगलवार को धनबाद, महुदा और बगोदर आदि क्षेत्रों में छापेमारी की और रांची पुलिस के सहयोग से अशोक को भी दबोचा.

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