मिशनरीज अॉफ चैरिटी पर लगा बच्चे बेचने का आरोप, 2 की मौत 24 गायब

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मिशनरीज अॉफ चैरिटी में बच्चों के खरीद-फरोख्त के मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नये-नये खुलासे हो रहे हैं. जिला प्रशासन की जांच में अब यह बात सामने आयी है कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी संस्था में वर्ष 2017 में कुल 26 बच्चाें का जन्म हुआ था. इनमें से दो की मौत हो गयी, जबकि 24 बच्चे ट्रेसलेस हैं.

इसके बारे में चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) को भी कोई जानकारी नहीं है, जबकि आरोपों से घिरी संस्था के जवाबदेह पदाधिकारी भी मुंह नहीं खोल रहे हैं. इन 24 बच्चों के संबंध में संस्था के रजिस्टर में भी किसी तरह की जानकारी दर्ज नहीं है. ऐसे में संस्था के साथ-साथ सीडब्ल्यूसी भी घेरे में है.

नकली रजिस्टर ही दिखाया जाता थासीडब्ल्यूसी को : जांच से जुड़े अधिकारी बताते हैं कि मिशनरीज ऑफ चैरिटी में नवजात का लेखा-जोखा रखने के लिए एक नहीं, बल्कि दो रजिस्टर बनाये जाते थे. एक रजिस्टर वह, जो जांच के दौरान चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को दिखाया जाता था. दूसरा रजिस्टर वह था, जिसमें सभी नवजात के संबंध में पूरी जानकारी लिखी जाती थी, लेकिन इसको संस्था के कर्ताधर्ता ही देख पाते थे. अभी तक यह रजिस्टर जांच एजेंसी को नहीं मिला है.

हिनू के गांधीनगर स्थित मिशनरीज ऑफ चैरिटी के शिशु सदन से शुक्रवार को बच्चों को शिफ्ट किया गया. चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) ने यहां रहने वाले 22 बच्चों को अपने संरक्षण में लेने के बाद उन्हें दो एनजीओ के शेल्टर होम में भेज दिया है.

साथ ही संस्था के सभी दस्तावेज भी जब्त कर लिये गये हैं.शुक्रवार काे बच्चों को शिफ्ट करने के लिए जब सीडब्ल्यूसी की टीम पहुंची, तो शिशु सदन के कर्मचारियों ने गेट खोलने से इनकार कर दिया. इसकी सूचना डोरंडा थाना काे दी गयी.

पुलिस के जवान व पीसीआर के पहुंचने के बाद सीडब्ल्यूसी के सदस्यों को अंदर प्रवेश करने दिया गया. इसके बाद बच्चों को वहां से निकाला गया और उन्हें शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गयी. सभी बच्चों को दो अलग-अलग वाहनाें में बैठाया गया और एक वाहन में बैठे बच्चों को खूंटी व दूसरे वाहन में बैठे बच्चों को रातू रोड शेल्टर होम भेजा गया.

यह कार्रवाई दोपहर 1.45 से दोपहर 3.15 बजे तक चली. सीडब्ल्यूसी के सदस्यों ने बताया कि यहां भी कुछ शिकायतें मिली थी. रजिस्टरों और दस्तावेजों को मिलान के बाद शिकायतों की जांच की जायेगी. मालूम हो कि शिशु सदन में अनाथ बच्चों को रखा जाता था. बाल व्यापार में लिप्त संस्थाओं की जांच कर उन्हें ब्लैकलिस्टेड करने की कार्रवाई की जायेगी. पुलिस अभी जांच कर रही है. रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपी जायेगी.