किन मामलों में श्रीलंका और पाकिस्तान से भी पीछे हैं भारत

googleमोबाइल इंटरनेट स्पीड के मामले में फिलहाल हम अपने पड़ोसी देश श्रीलंका और पाकिस्तान से भी पीछे हैं. दुनिया के विकसित देशों में इंटरनेट की अच्छी स्पीड अमेरिका, यूके और जापान में बेहतरीन स्पीड मुहैया हो रही है वही भारत में इंटरनेट यूजर्स के लिए बफरिंग की समस्या आज भी आम है. दुनिया के दूसरे देशों में इंटरनेट यूजर्स के लिए बफरिंग की समस्या न के बराबर ही है, लेकिन हमारे देश में मोबाइल उपभोक्ता 4G नेटवर्क यूज करने के बावजूद अक्सर इंटरनेट में बफरिंग की समस्या से रूबरू होते हैं.

भारत में मोबाइल इंटरनेट की स्पीड  6.1Mbps

भारत में 4G लॉन्ग टर्म ईवॉल्यूशन  की औसत स्पीड की बात करें, तो यह आज भी 6.1Mbps पर ही है, जबकि दुनिया के बाकी देश इंटरनेट स्पीड के मामले में हमसे कहीं आगे निकल चुके हैं. अपने देश में अगर हम इंटरनेट स्पीड की तुलना ग्लोबल स्पीड से करें, तो हम वैश्विक रूप से इस मामले में करीब एक तिहाई पीछे हैं. वैश्विक स्तर पर मोबाइल डाटा स्पीड का ग्लोबल एवरेज 17Mbps है.

इंटरनेट उपभोक्ताओं को मिल रही स्पीड
– यूके : 23.11Mbps
– जापान : 25.39Mbps
– पाकिस्तान: 13.56Mbps
– म्‍यांमार : 15.56Mbps
– भारत – 6.1Mbps

भारत में स्‍पीड कम होने की प्रमुख वजह.

अमेरिका की इंटरनेट स्पीड टेस्टर कंपनी ऊकला (Ookla) ने दुनिया के 124 देशों की रैंकिंग लिस्ट तैयार की है. इस सूची में भारत को 109वां स्थान मिला है. भारत में स्‍पीड कम होने की प्रमुख वजह भारत में लगातार हर महीने कई लाख नए उपभोक्ता इंटरनेट से जुड़ रहे हैं। इससे इंटरनेट की स्पीड बनाए रखने का दबाव बढ़ता है. जानकारों के मुताबिक भारत में इंटरनेट स्पीड के धीमा होने का प्रमुख कारण स्मार्टफोन के क्षेत्र में आ रही यही महाक्रांति है। देश में इंटरनेट की धीमी स्पीड का एक अन्‍य प्रमुख कारण यह भी है कि बड़े घनत्व में रहने वाली आबादी. यह आबादी इंटरनेट की स्‍पीड को धीमा बनाती है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *