गैंगस्टर मुन्ना बजरंगी की जेल में हत्या, आज होनी थी बागपत कोर्ट में पेशी


सोमवार सुबह बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की गोली मारकर हत्या कर दी गई. मुन्ना बजरंगी उत्तर प्रदेश का बड़ा गैंगस्टर था. पूर्व बसपा विधायक लोकेश दीक्षित से रंगदारी मांगने के आरोप मामले में बागपत कोर्ट में आज उसकी पेशी होनी थी. लेकिन उसकी हत्या कर दी गई. मुन्ना बजरंगी की पत्नी ने दस दिन पहले ही आशंका जताई थी कि जताई थी उसके पति की हत्या हो सकती है. 29 जून को मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने कहा था कि मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक ये बात पहुंचाना चाहती हूं कि मेरे पति की जान को खतरा है और उन्हें उचित सुरक्षा दी जाए.

सीमा सिंह ने यह भी कहा था कि उसके पति के फर्जी एनकाउंटर की साजिश रची जा रही है. यूपी एसटीएफ, पुलिस के अधिकारी और कुछ सफेदपोश यह षड्यंत्र कर रहे हैं कि मुन्ना बजरंगी को फर्जी एनकाउंटर में मार दिया जाए. पत्नी की इस आशंका के दस दिनों के भीतर ही मुन्ना बजरंगी की हत्या हो गई. मुन्ना बजरंगी को रविवार देर रात झांसी जेल से बागपत लाया गया था. उसे कुख्यात अपराधी सुनील राठी और विक्की सुनहेड़ा के साथ तन्हाई बैरक में रखा गया था. उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव (गृह) अरविंद कुमार ने बजरंगी की हत्या की पुष्टि की है.

इस मामले में बागपत जेल के जेलर और डिप्टी जेलर समेत चार जेलकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है, साथ ही इस मामले की ज्यूडिशियल इंक्वायरी के भी आदेश दिए गए हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी. गौरतलब है कि 29 अक्टूबर 2009 को दिल्ली पुलिस ने मुन्ना को मुंबई के मलाड इलाके से गिरफ्तार किया था. मुन्ना झांसी में तकरीबन एक साल से बंद था. अपराध की दुनिया में उसका नाम तब उजागर हुआ था, जब 1984 में लूट के बाद उसने एक व्यापारी की हत्या कर दी थी.

उस हत्या के बाद उसके नाम का दहशत फैलने लगा. फिर मुन्ना बजरंगी ने एक भाजपा नेता रामचंद्र सिंह की हत्या की, जिससे उसने पूर्वांचल में अपना दम दिखाया और उसके बाद कई लोगों की जान ली. बजरंगी भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या में भी आरोपी था. भाजपा विधायक की हत्या के अलावा कई अन्य मामलों में उत्तर प्रदेश पुलिस, एसटीएफ और सीबीआई को मुन्ना बजरंगी की तलाश थी. उस पर सात लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था.