आयकर विभाग की छापेमारी में 90 किलो सोने के साथ 10 करोड़ बरामद

आयकर विभाग की टीम ने यूपी की राजधानी लखनऊ के एक कारोबारी के यहां छापे मारकर काले धन के ‘खेल’ का पर्दाफाश किया है. आयकर विभाग ने लखनऊ के राजा बाजार निवासी ‘रस्तोगी बंधु’ कन्हैया लाल रस्तोगी एवं संजय रस्तोगी के पांच ठिकानों से 36 घंटे की जांच के दौरान 100 किलो सोना एवं 10 करोड़ रुपए का कैश जब्त किया है. सोने की कीमत 31 करोड़ रुपए आंकी गई है.

यहीं नहीं ‘रस्तोगी बंधु’ के पुश्तैनी सूदखोरी के धंधे में 60 करोड़ रुपये से अधिक खपाए जाने का खुलासा हुआ है. जबकि करोड़ों रुपये की बेनामी जमीन की खरीद फरोख्त भी की गई जिसके दस्तावेज आयकर के हाथ लगे हैं.

आयकर विभाग के प्रवक्ता एवं डिप्टी कमिश्नर (जांच) जयनाथ वर्मा के मुताबिक कन्हैया लाल रस्तोगी एवं बेटे के घर से 8.08 करोड़ की नकदी एवं 87 किलो सोने के बिस्किट और दो किलो सोने के गहने बरामद हुए. यह सोने के बिस्किट हॉलमार्क से प्रमाणित थे जिसके सोने की शुद्धता 99.9 फीसदी थी. जबकि संजय रस्तोगी के घर से 1.13 करोड़ रुपये एवं 11.64 किलो सोना बरामद हुआ.

इसमें से 8 करोड़ रुपये कन्हैया लाल रस्तोगी एवं 1.05 करोड़ रुपये संजय रस्तोगी के जब्त कर लिए गए. जबकि ‘रस्तोगी बंधु’ का सोना पूरा का पूरा जब्त कर लिया गया जिसकी कीमत करीब 31 करोड़ आंकी गई है.

बता दें कि पुराने लखनऊ के राजा बाजार क्षेत्र में कन्हैया लाल रस्तोगी और उनके बेटों का सबसे बड़ा काम सूद का है. आयकर सूत्रों के अनुसार ये हर महीने दो से तीन करोड़ रुपये सूद का पैसा बांटते हैं.

इसके अलावा विदेशों में कई कंपनियों में भी निवेश किया गया है. अलग-अलग नाम से विभिन्न कंपनियों में भारी रकम निवेश की जानकारी आयकर विभाग को मिली. इसके अलावा हवाला का भी बड़ा काम यह परिवार करता है. आयकर विभाग को सूचना मिली थी कि सर्राफ के काम की आड़ में हवाला और सूद का कारोबार चल रहा है. इसके अलावा लखनऊ, नोएडा-दिल्ली सहित कई अन्य शहरों में रियल इस्टेट के कई प्रोजेक्ट में भी इनका पैसा लगा हुआ है.