एक बंदूक ने तबाह कर दी संजय दत्त की जिंदगी, जानें कैसे

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बॉलीवुड स्टार संजय दत्त की जिंदगी पर आधारित फिल्म “संजू” हाल में रिलीज हुई है. बॉक्स ऑफिस पर इसने काफी अच्छा प्रदर्शन किया है. इस फिल्म को लेकर जमकर विवाद भी हो रहा है. दरअसल लोगों का आरोप है कि इस फिल्म को बनाने का मकसद संजय दत्त की बिगड़ी हुई छवि सुधारना था.

इस फिल्म को लेकर लोगों का आरोप है कि इसमें संजय दत्त की जिंदगी से जुड़ी हुई कुछ अहम बातों को नहीं दर्शाया गया है. इस फिल्म को लेकर लगातार हो रहे विवाद के बाद अब संजय दत्त ने खुलकर बातचीत की है.

संजय दत्त ने इस मामले पर कहा है कि, इमेज सुधारने के लिए 50 करोड़ कौन खर्च करता है? मैंने फिल्ममेर्कस को  सब कुछ बता दिया था और उन्हें जो ठीक लगा उसका उन्होंने इस्तेमाल किया. साथ ही संजय दत्त ने बताया कि बायोपिक बनाने का विचार मान्यता दत्त का था. संजय दत्त को खुद भी उनकी बायोपिक के बारे में नहीं पता था. जब संजय दत्त जेल में थे तब मान्यता ने राजकुमार हिरानी से बात की थी.

एक इंटरव्यू में बातचीत के दौरान संजय दत्त ने कहा- एक बंदूक ने मेरी जिंदगी तबाह कर दी. उन्होंने कहा, “मैंने अपने पास एक बंदूक रखने की भारी कीमत चुकाई है. साथ ही उन्होंने कहा कि मैं कोई आतंकवादी नहीं हूं, प्लीज मेरा माफीनामा पढ़िए. मुझे आर्म्स एक्ट के तहत अंदर किया गया था. लेकिन मैं भागा नहीं. मैं वापस आया और गिरफ्तारी दी.

बता दें 12 मार्च साल 1993 में मुंबई में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे. इसके पीछे कई बॉलीवुड हस्तियों का नाम भी सामने आया. संजय दत्त को अबू सलेम और रियाज़ सिद्दीक़ी से अवैध बंदूक़ों की डिलीवरी लेने, उन्हें रखने और फिर नष्ट करने का दोषी माना गया था.

टाडा अदालत में पेश सुबूतों के आधार पर ये हथियार उस ज़खीरे का हिस्सा थे, जिन्हें बम धमाकों और मुंबई पर हमले के दौरान इस्तेमाल किया जाना था. बाद में संजय दत्त को इस मामले निर्दोष पाया गया और संजय पर से टेररिस्ट चार्जेस हटा लिए गए थे.

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