अफवाह फैलाने वालों पर ट्‌वीटर की बड़ी कार्रवाई, 7 करोड़ फर्जी खाते बंद


अपने ट्वीट के जरिए अफवाह फलाने वालों पर ट्‌वीटर ने बड़ी कार्रवाई की है. ट्‌वीटर ने ऐसे सात करोड़ फर्जी खाते बंद कर दिए हैं, जिनके जरिए अफवाहों को हवा देकर समाज में हिंसा या वैमनस्यता फलाने का काम किया जा रहा था. ट्‌वीटर की तरफ से मई और जून में विशेष रूप से मुहिम छेड़कर ऐसे खातों की पहचान की गई, जिन्हें ट्रोल और अफवाह फैलाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था. चीन की एक न्यूज एजेंसी शिन्हुआ ने ऐसी खबर दी है कि ट्‌वीट के जरिए अफवाह और हिंसा फैलाने वालों पर कार्रवाई को लेकर बढ़ते दबाव के बाद ट्‌वीटर ने ये कार्रवाई की है.

गौरतलब है कि दूसरे देशों से कंट्रोल किए जा रहे फर्जी खातों पर निगरानी नहीं रख पाने को लेकर अमेरिकी सांसदों ने हाल ही में ट्‌वीटर की निंदा की थी. अमेरिकी सांसदों ने कहा था कि अफवाह फैलाने वाले इन खातों की वजह से अमेरिका की राजनीति प्रभावित हो सकती है. ऐसी खबर है कि खाते बंद करने की दर अक्टूबर की तुलना में दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है. केवल पिछले कुछ महीनों के दौरान ही एक दिन में 10-10 लाख खाते बंद किए गए हैं. भारत में भी ट्‌वीटर ट्रोल के मामले बढ़ते जा रहे हैं.

हाल ही में ट्‌वीटर के जरिए कांग्रेस नेता प्रियंका चतुर्वेदी की बेटी के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें धमकी दी गई थी. वहीं, इससे पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को भी ट्रोल किया गया था. भारत में ट्‌वीटर इस्तेमाल करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है. अभी भारत में 3.04 करोड़ यूजर हैं, जिनकी संख्या 2019 तक 3.44 करोड़ पहुंचने का अनुमान है. भारत के साथ साथ देशभर में ट्‌वीटर के बेजा इस्तेमाल के मामले बढ़ रहे हैं. इन सबको देखते हुए अपने प्लेटफॉर्म पर नफरत और हिंसा फैलाने वाली पोस्ट से निपटने के लिए ट्‌वीट ने पिछले महीने ही अपनी पॉलिसी में किए बदलाव थे.

ट्‌वीटर ने इसके लिए कंपनी में नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने का भी ऐलान किया था. इसे लेकर कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट डेल हार्वे ने कहा था कि अब यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ट्‌वीटर के जरिए लोगों को विश्वसनीय, प्रासंगिक और उच्च गुणवत्ता वाली सूचनाएं मिल सकें. गौरतलब है कि हाल के कुछ समय से ट्‌वीटर के जरिए फर्जी खबरें फैलाने की संख्या में इजाफा हुआ है. हालांकि संदिग्ध खातों पर ट्‌वीटर की इस कार्रवाई का असर इसके यूजर की संख्या पर पड़ सकता है.