पीएम मोदी के साथ चल रही भीड़ में 650 खुफिया जवान और 50 शार्प शूटर की थी पैनी नजर

देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारतीय राजनीति के अजातशत्रु कहे जाने वाले भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता अटल बिहारी वाजपेयी का 93 साल की उम्र में दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में गुरुवार को शाम में 5.05 बजे निधन हो गया था. उनकी मौत की सूचना शाम में एम्स प्रशासन ने पूरे देश को दी थी.

शुक्रवार को वाजपेयी जी पंचतत्व में विलीन हो गए. शुक्रवार शाम दिल्ली के राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया. आंसुओं के बीच उनकी बेटी नमिता ने कांपते हाथों से वाजपेयी की चिता को मुखाग्नि दी. वाजपेयी जी की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा था. नेता हो या आम सभी वाजपेयी जी की अंतिम यात्रा में शामिल हुए. लेकिन सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी मुश्किल तब खड़ी हो गई जब पीएम मोदी ने आखिरी समय फैसला किया कि वे ‘स्मृतिवन’ तक पैदल जाना चाहते हैं.

जब बीजेपी मुख्यालय में एसपीजी को बताया गया कि पीएम मोदी पैदल ही यह दूरी तय करेंगे और उनके साथ बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी होंगे. तुरंत फैसला लिया गया और दिल्ली पुलिस के गुप्तचर तैनात कर दिये गए. सेना, अर्द्धसैनिक बलों की टीम ने दोनों ही नेताओं को अपने घेरे में ले लिया. आईबी (खुफिया) ने दिल्ली पुलिस के चुने हुए जवानों को सादी वर्दी और सफेद टोपी में कार्यकर्ताओं के तौर पर भीड़ में शामिल कर दिया. दिल्ली पुलिस के जवान जिनको सादी वर्दी में तैनात किया गया था, उन्होंने एक मानव श्रृंखला बनाई, जिसमें दोनों नेताओं के अलावा एसपीजी के जवान ही अंदर थे. एसपीजी ने स्मृति वन स्थल में सेना, नेवी और वायुसेना के जवानों को भी तैनात कर दिया था.

राष्ट्रीय स्मृति स्थल की सुरक्षा को भी पांच भागों में बांटा गया था. जिसकी जिम्मेदारी डीसीपी रैंक के अफसरों को दी गई थी. इसके बाद 12 जोन में बांटकर एसीपी तैनात किये गये थे. फिर जोन को 65 सेक्टर में बांटा गया और इनकी जिम्मेदारी इंस्पेक्टरों को दी गई. कुल 14 एसीपी, 67 इंन्सपेक्टर, 233 उच्च और 1084 उसके नीचे का स्टाफ को लगाया गया था. दिल्ली पुलिस के अलावा अर्द्धसैनिक बलों और रिजर्व पुलिस की 9 कंपनियां तैनात की गई थीं.

700 कमांडों एनएसजी, एसपीजी और स्वाट टीम और 30 टीमें पराक्रम की भीड़भाड़ वाले इलाके में तैनात थी. 650 जवान खुफिया के भीड़ के साथ चल रहे थे. 600 सीसीटीवी कैमरे पूरे रास्ते में लगे हुए थे. 3200 सुरक्षाकर्मी (दिल्ली पुलिस+स्पेशल सेल युनिट+लोकल पुलिस) बीजेपी मुख्यालय से स्मृतिवन स्थल तक और 50 शार्प शूटर आसपास के इलाके में तैनात किये गए थे.

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