बॉलीवुड के असली सूरमा है शाद अली

नई दिल्ली (प्रवीण कुमार): बॉलीवुड में यूं तो कई बाइयोपिक फिल्में बन चुकी हैं, लेकिन बेहद कम ही फिल्में ऐसी बनती हैं जो दूसरों के लिए प्रेरणादायक बन पाए. फिर वह चाहे किसी भी घटना या किसी की भी जिंदगी पर अधारित हो. बॉलीवुड में बॉर्डर, एम.एस.धोनी-द अनटोल्ड स्टोरी, गुरु, मेरीकॉम, सचिन ए बिलियन ड्रीम्स, चक दे इंडिया, द लैजेंट ऑफ भगत सिंह, शहीद, गांधी, भाग मिल्खा भाग, नीरजा, दंगल, द ग़ाज़ी अटेक, राजी आदि ऐसी फिल्में हैं, जो दर्शकों के लिए प्रेरणादायक फिल्में रही हैं. कहना गलत नहीं होगा कि अब इस लिस्ट में भारतीय हॉकी टीम के सूरमा खिलाड़ी संदीप सिंह के संघर्ष पर बनी फिल्म सूरमा भी शामिल हो चुकी है. निर्देशक शाद अली ने फिल्म सूरमा को शानदार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है, जिसकी वजह से यह प्रेरणादायक फिल्मों की लिस्ट में शामिल हो चुकी है.

फिल्म इंड्रस्टी में शाद अली एक जाना माना नाम हैं. शाद अली ने बतौर निर्देशक फिल्म साथिया, बंटी और बबली, झूम बराबर झूम, किल दिल, ओके जानू जैसी फिल्में बॉलीवुड को दी है. हाल ही में रिलीज हुई फिल्म सूरमा का निर्देशन भी उन्होंने ही किया है. जो बॉक्स ऑफिस पर काफी सफल भी रही है. इसके अलावा उन्होंने फिल्म दिल से…, गुरु और रावन जैसी फिल्मों में असिसटेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया है. वह एक अच्छे फिल्म निर्माता होने के साथ-साथ एक अच्छे इंसान भी हैं.

बता दें कि शाद अली के पिता हिंदी सिनेमा के मशहूर निर्देशक मुजफ्फर अली हैं. जिन्होंने उमराव जान जैसी क्लासिक फिल्म से हिन्दी सिनेमा की सूरत ही बदल दी थी. उनकी मां हिंदी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री और इंडियन डेमोक्रेटिक वूमन्स एसोसिएशन की अध्यक्ष सुभाषिनी अली हैं. सुभाषिनी अली आज़ाद हिन्द फौज़ की कैप्टन रहीं स्वर्गीय डॉ. लक्ष्मी सहगल की बेटी हैं. इस प्रकार शाद अली आजाद हिंद फौज़ कमांडर लक्ष्मी सहगल के पोते हुए.

सुभाषिनी अली नेता होने के साथ एक बेहतरीन कलाकार भी हैं. सुभाषिनी ने अशोका, गुरु, आमू जैसी बॉलीवुड फिल्मों में काम किया था. साल 2001 में आई फिल्म अशोका में किंग खान शाहरुख की मां का रोल निभाकर सुभाषिनी ने सबको हैरत में डाल दिया था. फिल्म उमराव जान में महिला पात्रों के कॉस्ट्यूम्स सुभाषिनी ने ही डिजाइन किए थे.

शाद अली ने अपनी शुरुआती पढ़ाई वेल्हम बॉयज़ स्कूल और लारेंस स्कूल से की है. शाद अली की पहली शादी शाहजीन हुसैन से हुई. लेकिन यह शादी कुछ साल ही टिक सकी. शाहजीन से तलाक लेने के बाद शाद ने आरती पाटकर से विवाह रचा लिया. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मणिरत्नम की फिल्म दिल से… में बतौर असिसटेंट डायरेक्टर के तौर पर की थी. उन्होंने हिंदी सिनेमा में बतौर निर्देशक अपनी शुरुआत यशराज फिल्म्स के बैनर तले फिल्म मद्रास टाकीज़ से की थी. उन्होंने रानी मुखर्जी और विवेक ओबरॉय स्टारर फिल्म सथिया को निर्देशित किया था. उनकी यह फिल्म बॉक्स-ऑफिस पर काफी सफल भी रही. फिल्म दर्शकों और आलोचकों द्वारा काफी सरहाई भी गई थी. फिल्म साथिया उस साल की हिट फिल्मों में से एक थी.

इसके बाद, उनकी दूसरी फिल्म बंटी और बबली ब्लॉकबस्टर रही. इस फिल्म में रानी मुखर्जी और अभिषेक बच्चन मुख्य भूमिका में थे. यह फिल्म उस साल की ब्लॉकबस्टर हिट फिल्मों में से एक थी. लेकिन कहते हैं न कि सफलता कभी एक जगह नहीं टिकती इंसान को कभी-कभी ज़िंदगी में असफलता का स्वाद भी चखना पड़ता है. शाद अली के साथ भी यही हुआ. दो सफल फिल्में देने के बाद उन्होंने फिल्म झूम बराबर झूम का निर्माण किया. नजीता यह हुआ कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से पिट गई. फिल्म को दर्शकों ने पूरी तरह से नकार दिया. इस फिल्म में मुख्य भूमिका अमिताभ बच्चन, लारा दत्ता, प्रीती जिंटा, बॉबी देओल और अभिषेक बच्चन ने निभाई थी.

उनकी चौथी सेमी हिट फिल्म किल-दिल थी. इस फिल्म में गोविंदा, अली जफ़र, रणवीर सिंह और परिणीति चोपड़ा अहम किरदार में थे. फिल्म ने बॉक्स-ऑफिस पर औसत व्यापार किया था. काफी लंबे समय बाद शाद की इस फिल्म के जरिए गोविंदा की फिल्मों में वापसी हुई थी. इसके बाद उनकी पांचवी फिल्म बतौर निर्देशक ओके जानू थी. इस फिल्म ने भी बॉक्स ऑफिस पर औसत कारोबार किया. फिल्म में आदित्य रॉय कपूर और श्रद्धा कपूर मुख्य भूमिका में नजर आए थे.

इस साल शाद अली दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म सूरमा निर्देशित कर चुके हैं और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर लगभग ठीक-ठाक कारोबार कर लिया है. शाद अली ने फिल्म सूरमा की हर बारीकी पर विशेष ध्यान दिया है. भारतीय हॉकी टीम के दिग्गज खिलाड़ी संदीप सिंह पर आधारित बायोपिक सूरमा साल की सबसे प्रेरणादायक फिल्मों में से एक है. इस फिल्म को बनाने के लिए निर्देशक शाद अली को ़खासी मेहनत करनी पड़ी है. फिल्म बनाने के दौरान शाद अली ने इस बात को सुनिश्चित किया कि फिल्म में दिखाई जाने वाली हर चीज शत-प्रतिशत सही हो. शाद ने संदीप सिंह के जीवन से जुड़ी हर बारीकी को ध्यान में रखा है. शाद और उनकी टीम ने संदीप सिंह के सभी मैच की फुटेज देखी, जिसमें उन्हें मैदान पर कई महत्वपूर्ण क्षण देखने को मिले.

ऐसा ही एक वाकया था, जब अंतरराष्ट्रीय मैच में शानदार प्रदर्शन के बाद संदीप सिंह पूरी टीम से काफी प्रभावित थे और यह क्षण उनके लिए भावनात्मक रूप से काफी महवपूर्ण था. ऐसे में निर्देशक शाद की इस फिल्म में इस पल को हूबहू दोहराया गया है. सूरमा में संदीप सिंह के संघर्ष और हॉकी दिग्गज बनने के उनके सफर को वास्तविकता देने के लिए फिल्म को संदीप के होमटाउन शाहबाद में फिल्माया गया है. शाद अली द्वारा निर्देशित फिल्म में दिलजीत दोसांझ के साथ तापसी पन्नू और अंगद बेदी मुख्य भूमिका में हैं. फिल्म सूरमा 13 जुलाई 2018 को देशभर में 1100 स्क्रिन और विदेशों में 335 स्क्रिन यानि वर्ल्डवाइड 1435 स्क्रिन पर रिलीज की गई. दर्शकों को सूरमा काफी पसंद आई और फिल्म में दिलजीत दोसांझ के अभिनय की खूब तारीफ की गई. फिल्म का बजट लगभग 25 करो़ड बताया जा रहा है. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर लगभग 30.37* करोड़ का कारोबार किया है और औसत रही। फिल्म अब भी सिनेमाघरों में दूसरी फिल्मों को टक्कर दे रही है.