इस जगह पर अवैध तरीके से गोद दिए जा रहे थे बच्चे, हो गया भांडाफोड़

anath-ashram

एक महीने पहले ही रांची के एक मिशनरी चैरिटी द्वारा चलाए जाने वाले चाइल्डकेयर होम का खुलासा हुआ और जांच में पता चला है कि यहां से बच्चों को अवैध तरीके से गोद दिया जाता था हालांकि बाल अधिकार संरक्षण के लिए राष्ट्रीय आयोग (एनसीपीसीआर) की जांच से यह भी खुलासा हुआ है कि ये ट्रस्ट साल 2013 से ही अवैध तरीके से बच्चों को गोद देने का काम कर रहा था.

ये चैरिटी दो सदस्यीय टीम ने निर्मल हृदय जोकि अविवाहित माओं का घर था और जिसका संचालन मिशनरी ऑफ चैरिटी करती है, वहां पिछले कुछ सालों से अवैध तरीके से बच्चों को गोद देने कि गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था

एनसीपीसीआर की टीम द्वारा की गई जांच के आधार पर राज्य बाल कल्याण समिति को अक्टूबर 2013 से ट्रस्ट द्वारा अवैध तरीके से गोद दिए बच्चों के बारे में शिकायतें मिली थीं लेकिन जिला बाल कल्याण समिति जब निरीक्षण के लिए 2014 में ट्रस्ट पहुंची तो उसे भारी विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा और बाल कल्याण समिति के मुखिया रहे ओम प्रकाश सिंह को अप्रैल 2014 में जिला प्राधिकारियों ने निलंबित कर दिया था.

पुलिस अब तक इस मामले में निर्मल हृदय द्वारा बेचे गए चार बच्चों का पता लगा चुकी है. 5 जून को राज्य बाल कल्याण समिति द्वारा दायर की गई एफआईआर के आधार पर 58  दूसरे मामलों की जांच चल रही है. आयोग ने राज्य सरकार और पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखा है और उन्हें ट्रस्ट द्वारा पिछले पांच सालों में गोद दिए गए बच्चों के बारे में विस्तृत जांच करने को कहा है. एनसीपीसीआर केंद्रीय महिला एंव बाल विकास मंत्रालय को भी अपनी रिपोर्ट सौंपेगा.

You May also Like

Share Article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *